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आम उपभोक्ताओं के लिए राहत! खाद्य तेलों की कीमतों में आई गिरावट, जानें वजह

आम उपभोक्ताओं के लिए राहत! खाद्य तेलों की कीमतों में आई गिरावट, जानें वजह

विदेशी बाजारों में आई तेजी के बाद भी स्थानीय मांग कमजोर रहने से दिल्ली के बाजार में सरसों तेल (Mustard Oil Prices) व तिलहन को छोड़कर सोयाबीन, मूंगफली, बिनौला, कच्चा पॉम तेल और पामोलीन ऑयल की कीमतों में गिरावट रही. मलेशिया एक्सचेंज में आधा फीसदी और शिकागो एक्सचेंज में फिलहाल लगभग आधा फीसदी की तेजी के बावजूद स्थानीय मांग कमजोर रहने से इन तेल तिलहन कीमतों (Edible Oil Prices) में गिरावट का रुख रहा. त्योहारी मांग बढ़ने और मंडियों में आपूर्ति की कमी के बीच सलोनी, आगरा और कोटा में सरसों दाना के भाव 9,200 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये क्विंटल कर दिए गए. इस बढ़ोतरी से सरसों तेल तिलहन कीमतों में मजबूती रही.

इस समय कम क्‍यों रहती है सरसों के तेल की मांग सरसों की अगली फसल 15 फरवरी 2022 के आसपास मंडियों में आने की उम्‍मीद है. इस वक्त सरसों पेराई से निकला तेल हरा होता है और इसकी मांग कम रहती है. ऐसे में सरसों के पुराने दाने की मांग अचानक बढ़ती है. महाराष्ट्र के लातूर में सोमवार को सोयाबीन की 30 हजार बोरी की आवक हुई, जो मंगलवार को घटकर 10 हजार बोरी रह गई है. सोयाबीन तेल रहित खल की मांग बढ़ने से सोयाबीन तिलहन कीमतों में बदलाव नहीं हुआ. सोयाबीन की नई फसल मंडियों में आ चुकी है. इसके बाद सोयाबीन के दाम झटके के साथ नीचे आ गए. अचानक भाव टूटने से सोयाबीन किसानों को झटका लगा है क्योंकि उन्होंने महंगे दामों पर सोयाबीन बीज की खरीद की थी.

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