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Flipkart ke saath ऑनलाइन लाकर बदला कंपनी का भविष्य, 300 लोगों को मिल रहा रोजगार

Flipkart ke saath ऑनलाइन लाकर बदला कंपनी का भविष्य, 300 लोगों को मिल रहा रोजगार

कोरोना महामारी ने हम सभी का जीवन प्रभावित किया है, लेकिन इस महामारी ने हमें यह भी सिखाया है कि मुश्किल समय का मुकाबला हम साथ आकर ही कर सकते हैं। ऐसा ही कर दिखाया है हर्बल एवं अन्य प्राकृतिक आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी मेघदूत हर्बल ने। अपने संघर्ष, परिश्रम व दृढ़ निश्चय से मेघदूत हर्बल ने इस महामारी के समय में कई लोगों को रोजगार प्रदान कर सहायता की है।

मेघदूत हर्बल की स्थापना वर्तमान समय में इसके प्रमुख विपुल शुक्ला के दादाजी ने साल 1985 में लखनऊ के पास स्थित एक गांव में की थी। शुरुआत में मेघदूत एक ऑफिस और एक प्रोडक्शन प्लांट के साथ शुरू हुआ था। इसका प्रमुख उद्देश्य गांव के आस-पास के लोगों को रोजगार प्रदान करना था। जल्द ही मेघदूत हर्बल ने उत्तर प्रदेश खादी ऐंड विलेज इंडस्ट्री बोर्ड (यूपीकेवीआईबी) के साथ टाइअप कर लिया और आज मेघदूत हर्बल तीसरी पीढ़ी के युवा उद्यमियों विपुल व उनके भाई विश्वास के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है।

फ्लिपकार्ट ‘समर्थ’ के साथ देश भर में बनाई अपनी पहचान

देश की अग्रणी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने जुलाई 2019 में ‘समर्थ’ नामक एक खास पहल की शुरुआत की थी , जिसका उद्देश्य देश के छोटे उद्यमियों, बुनकरों, व हस्तकलाकारों को ई-कॉमर्स से जोड़ना है। जिससे वो अपना व्यापार ऑनलाइन माध्यम से भी आसानी से कर सकें, जिसके लिए फ्लिपकार्ट समर्थ ढेरों बेहतरीन एनजीओ व सरकारी संस्थाओं के साथ कार्य कर रहा है। बता दें कि अबतक 7.5 लाख से ज्यादा लघु उद्योग ‘फ्लिपकार्ट समर्थ’ की सहायता से ऑनलाइन माध्यम से अपना व्यापार संचालित कर रहे हैं। इसी क्रम में फ्लिपकार्ट समर्थ ने 2 अक्टूबर 2019 को उत्तर प्रदेश खादी ऐंड विलेज इंडस्ट्री बोर्ड के साथ एक एमओयू साइन किया। जिसके द्वारा मेघदूत हर्बल व अन्य कई लघु उद्योगों ने सफलता पूर्वक ऑनलाइन व्यापार शुरू किया।

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