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Health Tips: सांस फूलने का होम्योपैथिक इलाज और दवा

Health Tips: सांस फूलने का होम्योपैथिक इलाज और दवा

सांस फूलने का होम्योपैथिक इलाज – आज के समय में सांस फूलना आम समस्या हो गयी है. धुल भरी हवा और प्रदुषण के कारण प्रयाप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है. सांस फूलने को डिस्पेनिया भी कहा जाता है. इस स्थिति में सांस लेने में दिक्कत और घुटन महसूस होती है. व्यक्ति की शारीरिक व मानसिक स्थिति के अनुसार सांस फूलने की दिक्क्त कई कारणों जैसे सीढ़ियां चढ़ना, भागना, चलना इत्यादि.

आपको बता दें कि मुख्य तौर पर, हृदय या फेफड़ों की समस्याओं के कारण सांस फूलने की समस्या होती है. इसके अलावा कई अन्य समस्याओं से भी सांस फूलने की समस्या हो सकती है, जैसे अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जी, लो ब्लड प्रेशर, एनीमिया, दिल बढ़ना, कोरोनरी धमनी रोग और गले में कुछ फंसना आदि.

आज के इस पोस्ट में सांस लेने में कठिनाई को ठीक करने की मुख्य होम्योपैथिक दवा की चर्चा करेंगे. होम्योपैथी में ऐसे उपचार मौजूद हैं, जिससे सांस फूलने की स्थिति का इलाज किया जा सकता है. तो चलिए दवा के माध्यम से सांस फूलने का होम्योपैथिक इलाज जानते हैं…

सांस फूलने का होम्योपैथिक इलाज
आर्सेनिकम एल्बम दमा और सांस फूलने की समस्या में आर्सेनिक एल्बम एक असरदार दवा है. अगर आपको सांस लेने में दिक्कत के साथ बेचैनी और suffocation महसूस हो रहा है. रात में 12 से 2 के बीच दौरे पड़ते हों. लेटने से सांस लेने में कठिनाई होती हो. आप उठ कर बैठ जाते हैं. प्यास लगे. थोड़ा-थोड़ा पानी की प्यास लगती रहे और सबसे खास बात रोगी सर्द-प्रकृति का हो तो arsenic album 30 से तुरंत लाभ मिल जायेगा. तो ऐसी स्थिति में आर्सेनिक एल्बम फायदेमंद होता है.

एन्टिम टर्ट अगर आपको सीने में जकड़न, दम घुटना, फेफड़ों में पर्याप्त हवा नहीं पहुँच पाना, लेटे रहने से खांसी बढ़ना, सीने में घड़घड़ाहट हो, कफ न निकलता हो, उठ कर बैठने से चैन.पड़ता है, तो इस स्थिति में ये दवा कारगर साबित होती है.

Natrum Sulph 200 अस्थमा से पीड़ित बच्चों के लिए ये एक उत्तम दवा है. इसमें खांसी ऐसी होती है कि बच्चा बिस्तर से उठ कर सीने को हाथो से पकड़ लेता है. घड़घड़ाहट के साथ खांसी होना, सुबह 3 से 5 बजे खांसी का बढ़ जाना, ठंडी हवा से रोग बढ़ जाना आदि लक्षणों में ये दवा दी जाती है.

Senega Q यह दमा से पीड़ित वृद्ध व्यक्ति के लिए उपयोगी है. सांस लेने में कठिनाई, सीने में बलगम के कारण घड़घड़ाहट होना, बोलने में तकलीफ होती है, खांसी का अंत प्रायः छींक के रूप में होता है. जब छाती में बलगम भरा हो, घड़घड़ाहट या सांय-सांय की आवाज आ रही हो, सांस लेने में भी तकलीफ होता हो, तो इन लक्षणों में ये दवा दी जाती है.

Bryonia 30 अस्थमा के मरीज थोड़ा सा चलने से साँसे फूलना, सीढ़ी चढ़ने से साँसे फूलना, ऐसे रोगी को Bryonia 30 की 2 बून्द दिन में 3 बार दें, चलने से सांस फूलने की समस्या में बहुत आराम मिल जायेगा.

नोट – यह पोस्ट सिर्फ जानकारी के लिए लिखा गया है. इस पोस्ट में किसी भी बीमारी के लिए बताये गये दवा और उपाय के सटीकता की गारंटी नही है. अपने बीमारी के बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा का सेवन करें.

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