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गणेश चतुर्थी पर ग्रहों का बन रहा है विशेष संयोग, इन 4 राशियों में बन रहा है राजयोग

गणेश चतुर्थी पर ग्रहों का बन रहा है विशेष संयोग, इन 4 राशियों में बन रहा है राजयोग

10 सितंबर 2021, शुक्रवार को बहुत ही पावन दिन है. इस दिन भाद्रपद यानि भादो मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है. इस तिथि को ही गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है. इस तिथि से ही गणेश उत्सव का आरंभ होता है. गणेश चतुर्थी पर ग्रहों की चाल मेष से मीन राशि तक के लोगों को प्रभावित कर रही है. आज के दिन इन चार राशियों में विशेष संयोग बन रहा है, जो राजयोग का निर्माण कर रही हैं-

सिंह राशि में सूर्य का गोचर 
10 सितंबर, शुक्रवार को सिंह राशि में भी राजयोग बन रहा है. सिंह राशि के स्वामी सूर्य, सिंह राशि में ही विराजमान हैं. जब कोई ग्रह अपनी ही राशि में गोचर करता है, तो इसे भी राजयोग की तरह ही माना जाता है. सूर्य जब सिंह राशि में होता है तो अत्याधिक शक्तिशाली होता है. गणेश चतुर्थी के मौके पर सिंह राशि वालों पर गणेश जी की विशेष कृपा बनी हुई है. इस दिन गणेश जी के मंत्रों का जाप करें.

कन्या राशि में बुध का गोचर गणेश चतुर्थी के मौके पर कन्या राशि वालों पर आज गणेश जी की विशेष दृष्टि है. कन्या राशि में बुध ग्रह विराजमान हैं. ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, व्यापार, वाणिज्य, गणित, गायन, संचार, तर्क-शास्त्र और त्वचा आदि का कारक माना गया है. बुध का संबंध गणेश जी से हैं. बुध जब अशुभ होते हैं तो गणेश जी की पूजा करने से ही शुभ होते हैं. बुध कन्या राशि के स्वामी भी हैं और वर्तमान समय में कन्या राशि में ही गोचर कर रहे हैं, जहां पर मंगल भी विराजमान हैं. आज गणेश जी को दूर्वा घास अवश्य चढ़ाएं.

तुला राशि में शुक्र का गोचर 
10 सितंबर, गणेश चतुर्थी पर तुला राशि में अत्यंत शुभ योग बना हुआ है. ज्योतिष शास्त्र में इस योग को मालव्य योग भी कहते हैं. धन और सम्मान के मामले में इस योग को विशेष फल प्रदान करने वाला माना गया है. शुक्र जब तुला राशि में आते हैं तो मालव्य योग बनता है. शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह का दिन माना गया है. इस दिन शुक्र और चंद्रमा की युति बनी हुई है.

मकर राशि में शनि का गोचर मकर राशि शनि की अपनी राशि मानी गई है. शनि वर्तमान समय में मकर राशि में गोचर कर रहे हैं. शनि वक्री अवस्था में इस समय गोचर कर रहे हैं. शनि देव को न्याय कर देवता भी बताया गया है. गणेश चतुर्थी पर चार बड़े ग्रह अपनी ही राशि में मौजूद हैं, जो शुभ स्थितियों का निर्माण कर रहे हैं.

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