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नम आंखों से ग्रामीणों ने दी गांव की बेटी को अंतिम विदाई, चीख पुकार से गूंज उठा गांव

नम आंखों से ग्रामीणों ने दी गांव की बेटी को अंतिम विदाई, चीख पुकार से गूंज उठा गांव

दो साल पहले जिस घर से मां बाप ने अपनी इकलौती बेटी ज्योति को दुल्हन बनाकर डोली में बिठाकर खुशी-खुशी विदा किया था उसी घर के आंगन में बेटी की अर्थी उठी। ज्योति की अर्थी को दुल्हन की तरह सजाया गया था। टुकड़ों में बटा ज्योति के कंकाल को देखकर माता सवित्री देवी बिलखते हुए बेहोश हो गई।

चीखो पुकार से पूरा गांव गूंज उठा। नम आंखों से सैंकड़ों ग्रामीणों ने गांव की बेटी को अंतिम विदाई दी।

घरेलु हिंसा की शिकार हुई जोगिन्दर नगर की ज्योति का अंतिम संस्कार आज कर दिया गया। ज्योति के क्षत-विक्षत शव को मुखाग्नि उसके भाई ने हराबाग में दिया। इससे पहले फोरेंसिक टीम ने गहनता से बॉडी की जांच की थी।

पुलिस के समझाने से शांत हुए ग्रामीण: अंतिम संस्कार के दौरान मौके पर पुलिस टीम भी मौके पर मुस्तैद रही। परिजनों सहित ग्रामीणों के भी आँखें नम थी। ग्रामीणों ने कहा था कि चिता को अग्नि ससुराल के आंगन में दी जाएगी। पुलिस को समझाने के बाद सभी शांत हुए।

बता दें की ज्योति के मायका हारगुनैण पंचायत के गांव नकेहड़ में पड़ता है तथा उसकी शादी भराड़ू के गड़ूही गांव में शिव कुमार से हुई थी। इस केस में ज्योति के पति शिव कुमार पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है।
छात्र भी कर रहे विरोध;

वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला काफी तूल पकड़ने लगा है। छात्र संगठन से जुड़े विद्यार्थियों ने भी इस मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए है।

छात्रों ने शहर में रैली निकालकर रोष जताया व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर भर में जुलूस निकाला। पुलिस थाने के बाहर नारेबाजी कर घेराव करने की भी कोशिश की गई।

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