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श्राद्ध करने वाले इन बातों का रखें खास ध्यान, खुश होंगे पितर

श्राद्ध करने वाले इन बातों का रखें खास ध्यान, खुश होंगे पितर, सुख-समृद्धि से भरा-पूरा रहेगा परिवार

20 सितंबर के पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष की शुरुआत होने जा रही है। पितृ पक्ष की शुरुआत गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के बाद होती है। यह हर साल श्राद्ध भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा सोमवार से शुरू होकर अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या 6 सितंबर तक चलेगा है। श्राद्ध पूरे 16 दिन के होते हैं।

मान्यता के मुताबिक पितृ पक्ष के दौरान पितरों को पिंडदान कराया जाता है। कई लोग अपने घरों में ही पूजा-पाठ और खाना बनाकर पितरों को भोजन कराते हैं तो कुछ विष्णु का नगर यानी गया में जाकर अपने पूर्वजों का पिंडदान करते हैं।

पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध करने वालों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। मान्यता के मुताबिक इससे पितर खुश होते हैं और उनका आर्शिवाद प्राप्त होता है।

श्राद्ध करने वाले इन बातों का रखें ध्यान

  • - श्राद्ध के दौरान शुद्धाता का खास ध्यान रखें- दक्षिण मुख बैठ कर और जनेउ को दाहिने कंधे से बायें हाथ के नीचे रख कर श्राद्ध करें।
  • - श्राद्ध के दौरान भूमि का ढाल दक्षिण दिशा में होना चाहिए।
  • - श्राद्ध में दूध, गंगाजल, शहद, टसर के कपड़े, कुतप, काले तिल, दोहित्र, और कुश का अत्यंत महत्व होता है।
  • - श्राद्घ में कस्तूरी, लाल चंदन, गोरोचन का प्रयोग वर्जित होता है। इस दौरान सफेद चंदन और गोपीचंदन ही प्रयोग करना चाहिए।
  • - श्राद्ध कर्म में के दौरान हाथ से बने मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल करें, लकड़ी के बर्तन, पत्तों के दोने का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • - श्राद्ध में तुलसी का प्रयोग अनिवार्य है।
  • - श्राद्ध करने वाले को ब्राह्मण भोज के दौरान बिलकुल मौन रहना चाहिए।
  • - ब्राह्मण को भोजन के लिए आसन पर बैठाने से पहले उसने हाथ-पांव जरूर धोयें।
  • - श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को खान पान का खास ध्यान रखना चाहिए।
  • - घर के अलावा यदि बाहर श्राद्घ करना है तो गया, पुष्कर, प्रयाग और हरिद्वार आदि में तीर्थों करें।
  • - गाय, भूमि, तिल, सोना, घी, वस्त्र, धान, गुड़, चांदी और नमक ये दस चीजें महादान मानी जाती हैं।
  • - श्राद्ध में सप्त धान्य का प्रयोग भी श्रेष्ठ माना जाता है। ये सप्त धान्य हैं, गेंहू, जौ, धान, तिल, मूंग, सांवा और चना।

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