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सरसों तेल छोड़कर एडिबल ऑयल कीमतों में आई है गिरावट, सरकार ने कहा

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सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसके कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों (एडिबल ऑयल) पर आयात शुल्क (Import duty) कम करने के फैसले से वैश्विक बाजारों में खाद्य तेल कीमतों में आए उछाल के बावजूद घरेलू बाजार में सरसों तेल को छोड़कर खाद्य तेल की खुदरा कीमतों में गिरावट आई है. पीटीआई की खबर के मुताबिक, एक सरकारी बयान के मुताबिक, इम्पोर्ट ड्यूटी में कमी के बाद खाद्य तेलों की इंटरनेशनल कीमतें 1.95 प्रतिशत से 7.17 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं. इम्पोर्टेड खाद्य तेलों (Edible oil) पर शुल्क में कमी (11 सितंबर से प्रभावी) के बाद घरेलू खुदरा कीमतों में 0.22 प्रतिशत से 1.83 प्रतिशत के दायरे में कमी आई हैं.

केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का हुआ असर खबर के मुताबिक, वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए, दरों पर शुद्ध प्रभाव 10 सितंबर से 3.26 प्रतिशत से 8.58 प्रतिशत के दायरे में है. बयान में कहा गया है कि शुल्क में कमी के संदर्भ में केंद्र सरकार की तरफ से जरूरी नीतिगत हस्तक्षेप आम उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है. हालांकि, इसमें कहा गया है कि सरसों का तेल विशुद्ध रूप से घरेलू तेल है और सरकार के दूसरे उपायों के साथ इसकी कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है.

केंद्र ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क कम किया है कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क कम किया है. इसने जमाखोरी के खिलाफ भी कदम उठाए हैं और थोक विक्रेताओं, मिल मालिकों और रिफाइनरों को अपने स्टॉक की डिटेल एक वेब पोर्टल पर उपलब्ध कराने को कहा है. यहां तक ​​कि खुदरा विक्रेताओं को भी ब्रांडेड खाद्य तेलों की दरों को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है ताकि उपभोक्ता पसंदीदा खाद्यतेल का चुनाव कर सकें.

पाम तेल, सोया तेल और सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क घटाई थी 
पिछले महीने, सरकार ने पाम तेल, सोया तेल और सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क घटा दी थी. कच्चे पाम तेल पर मूल आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि कच्चे सोया तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर इस कर को 7.5 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया गया है. दूसरे खाद्य सामग्रियों के बारे में, सरकार ने कहा कि एमएसपी (MSP) में बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में चावल और गेहूं की कीमतों में कमी आई है.

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