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हिमाचल के एक ऐसे चमत्कारी मंदिर जहां देश-प्रदेश से आते है श्रद्धालु

हिमाचल के एक ऐसे चमत्कारिक मन्दिर जहाँ देश-प्रदेश से आते है श्रद्धालु

आज हम आपको बताने जा रहे हिमाचल के एक ऐसे ही चमत्कारिक मन्दिर जहाँ देश प्रदेश से श्रद्धालु आते है ।।
उस चमत्कारिक शक्ति पीठ को नाग मन्दिर के नाम से जाना जाता है यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के जिला कागड़ा के अंर्तगत विधानसभा ज्वालामुखी के करियाडा नाम के गांव में स्थित है ।।

मन्दिर की रोचक ऐतिहासिक कहानी नाग मन्दिर के बारे में बताया जाता है कि वर्ष 1978 को 18 अक्तूबर का दिन था जब नाग देवता अचानक विशाल रूप में प्रकट हुए ज्यो ही नाग देवता शहतूत के पेड़ के निचले हिस्से से लिपट गए

उनके बल के कारण पेड़ भी घुमावदार बन गया ।। जैसे ही नाग देवता के प्रकट होने की बात गांव में फैली देखते देखते पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल गयी ।। फिर क्या था भगवान को भी कलियुग में परीक्षा से गुजरना पड़ा है । ।

बताया जाता है कि नाग देवता ने गुलेरिया परिवार के बड़े बेटे पुजारी कुलदीप गुलेरिया को भक्ति के लिये चुना उस समय उनकी आयु 20 थी ।। पुजारी कथनानुसार जब बाबा जी के चमत्कार की बात प्रदेश में फैली तो ये बात उस समय पुलिस और खुफिया तंत्र के पास भी पहुँची ओर वो मन्दिर में पुजारी से पूछताछ करने के लिये आये तो कहा जाता है नाग देवता ने अपना चमत्कार दिखाते हुए इतना विशाल रूप बनाया की सब प्रशांनिक लोगो को भगवान की सत्ता को स्वीकार करना पड़ा था ।। उस समय नाग बाबा की पिंडी खुले आसमान के नीचे हुआ करती थी ।। आगे बताया जाता है कि उस समय गुलेरिया परिवार की आर्थिक स्थिती अच्छी नही थी

परिबार के पास अपना घर भी नही था रहने के लिये नही था ।। बचपन मे ही मन्दिर पुजारी कुलदीप गुलेरिया के पिता प्रभात गुलेरिया के पिता का निधन हो गया ।। इससे परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा ।। घर का बड़ा बेटा होने के नाते कुलदीप गुलेरिया को पढ़ाई छोड़कर हरियाणा के गाँव जमशेदपुर एक फैक्ट्री में काम करना पड़ा । बताया जाता है कि नाग देवता ने उनको वहाँ टिकने नही दिया ।।

अपनी सेवा करने के लिय नाग देवता ने उनको आदेश दिया था फिर क्या था पुजारी कुलदीप गुलेरिया मन्दिर की सेवा करने लगे जैसे जैसे लोग मन्दिर में अपना दुख और मन्नते लेकर आने लगे नाग देवता दुख हरते गए

फिर समय अनुसार हिमाचल ,पंजाब दिल्ली ,हरियाणा ,तथा अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं ने मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया ओर मन्दिर को भव्य रूप दिया गया आज मन्दिर को नाग मन्दिर करियाडा के नाम से जाना जाता है
मन्दिर में भक्त दूर दूर से अपनी मन्नत लेकर मन्दिर में आते है और नाग बाबा उनकी मन्नत पूरी करते है इसमें कोई शंसय नही है

बताया गया कि रविवार ,मंगलवार ,शनिवार को बाबा के मंदिर में पूछ भी दी जाती है ।।

मन्दिर के मुख्य त्यौहार उत्सव मन्दिर के दो मुख्य त्यौहार जन्माष्टमी ओर शिवरात्रि बहुत ही धूमधाम से मनाए जाते है इन दिनों में देश विदेश से श्रद्धालु हिस्सा लेते है और उस दिन भगवान का गुणगान धूमधाम से किया जाता है

नाग देवता देते है आज भी प्रत्यक्ष दर्शन पुजारी कुलदीप गुलेरिया ने बताया कि नाग देवता समय समय पर भक्तों को दर्शन देते है ।।

अभी हाल ही में नाग देवता ने जन्माष्टमी के पास ही भक्तों को दर्शन दिए थे ।। रोचकता की बात तो यह है कि मन्दिर में जो नाग प्रकट होता है उसके माथे पर त्रिशुल ,शिवलिंग का निशान बना होता है ।।

वर्तमान में मन्दिर बर्तमान में वेष्णो देवी की गुफा ,नाग मन्दिर ,शिव मंदिर हनुमान जी , के दर्शन भक्तों द्वारा किये जा सकते है ।।

कैसे पहुँचे मन्दिर को पहुचने के लिये बस मार्ग से भी पहुँचा जा सकता है और अपनी गाड़ी से भी यह मंदिर देहरा से लगभग 10 किलोमीटर के आसपास है ये मन्दिर देहरा से ज्वाला जी के बीच मे पड़ता है कूण्दली हार से कटकर रास्ता नाग मंदिर को जाता है आप ज्वाली देवी के मंदिर जाए तो नाग मन्दिर के दर्शनों का भी लाभ ले ।।

जिला कागड़ा में आये तो अवश्य इस मंदिर के दर्शनों का लाभ ले ।।

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