Breaking News

Karwa Chauth 2021: करवा चौथ की कथा

Karwa Chauth 2021: करवा चौथ की कथा

सात भाई और एक बहन करवा की कथा: एक साहूकार था उसके सात पुत्र और एक पुत्री थी। एक दिन अचानक साहूकार की तबीयत खराब हो गई, साहूकार मरने से पहले अपनी पुत्री की जिम्मेदारी अपने सात पुत्र को सौंप दी और कहा कि अपनी बहन का ध्यान रखना और साहूकार की मृत्यु हो जाती है।

सात भाई अपनी बहन से बहुत प्यार करते हैं। यहां तक की जब तक बहन को खाना नहीं खिला देते तब तक खुद भी नहीं खाते थे। बहन की शादी हुई, और वह अपने घर चली गई सातो भाई भी अपनी गृहस्थी में खुश थे, बहन जब मायके आई तो उसकी भाभियों ने उसका खूब स्वागत सत्कार किया। करवा चौथ का व्रत आया सातों भाभियों के साथ बहन भी करवा चौथ का व्रत की। जब भाई अपने अपने व्यापार और व्यवसाय से निपट कर घर आए तो देखा की बहन का चेहरा सूखा हुआ है, और बहन मुरझाई सी लग रही है जब वे खाना खाने गए तो बहन को भी भोजन ग्रहण करने के लिए कहा, लेकिन बहन ने साफ इंकार करते हुए कहा की मेरा करवा चौथ का व्रत है, मैं तब तक अन्न जल ग्रहण नहीं करूंगी जब तक की चांद को ना देख लूं। भाइयों को बहन को देखकर अच्छा नहीं लगा उन्होंने आपस में एक योजना बनाई।

दूर पीपल के पेड़ पर छोटा भाई एक मशाल जलाकर खड़ा हो गया दूर से मशाल ऐसे दिख रहा था जैसे की पूर्णिमा का चांद दिख गया हो, बड़ा भाई आया और बोला कि देखो बहन चांद उदित हो गया है, अब तुम अपना व्रत तोड़ सकती हो। बहन ने जैसे ही एक निवाला डाला उसे छींक आ गई, दूसरा निवाला डाला तो उसके खाने में बाल आ गए, और जैसे ही तीसरा निवाला डाला उसके पति की मृत्यु की खबर आ गई। बहन फफक फफक रो पड़ी और अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं करने दी वह साल भर अपने पति के पार्थिव शरीर की देखभाल करने लगी और अपने पति के शरीर से सुई नुमा दूब निकालकर इकट्ठा करने लगी। जैसे ही करवा चौथ का व्रत आया सभी भाभियाँ करवा चौथ का व्रत की, और अपनी ननद का आशीर्वाद लेने उसके पास जैसे ही गई उसकी ननंद भाभियों के पैर पकड़ कर कहने लगी,”यम सुई ले लो, पिय सुई दे दो,” सभी भाभियाँ अपने पैर छुड़ाकर जैसे तैसे भाग खड़ी हुई, जैसे ही छठी भाभी आई करवा ने फिर वही कहा “यम सूई ले लो, पिय सुई दे दो,” तभी छोटी भाभी बोली कि, सबसे छोटी भाभी जब आए तो उसके पैर पकड़ कर यही कहना, क्योंकि सिर्फ वही तुम्हारे पति को जिंदा कर सकती है। क्योंकि उसके पति की वजह से तुम्हारे पति की यह हालत हुई है, जैसे ही छोटी भाभी आती हैं करवा उसकी भी पैर पकड़ कर रोती है, लेकिन वह भाभी नहीं मानती है टालमटोल करती है, नोचती खसोटती हुई भागने की कोशिश करती है लेकिन करवा नहीं जाने देती।

फिर करवा की यह हालत देखकर सबसे छोटी भाभी को दया आ जाती है, और वह अपनी सबसे छोटी उंगली काट कर के उस से निकले हुए अमृत को करवा के पति के मुंह में डाल देती है, और करवा का पति जिंदा हो जाता है श्री गणेश श्री गणेश कहते हुए उठता है, करवा खुश हो जाती है।

हे शिव शंकर, श्री गणेश, माता पार्वती जैसे करवा के पति को पुनर्जीवित करके उसे सौभाग्यशाली बनाया वैसे ही हमें भी हमेशा सौभाग्यशाली रहने का आशीर्वाद दीजिए।

No comments