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मां लक्ष्‍मी को पसंद हैं ये 5 चीजें, धनतेरस पर जरूर खरीदें

मां लक्ष्‍मी को पसंद हैं ये 5 चीजें, धनतेरस पर जरूर खरीदें

दिवाली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार मनाई जाती है। इस बार धनतेरस मंगलवार 2 नवंबर है जबकि दिवाली 4 नवंबर है। कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धनतेरस को धन त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती भी कहते हैं। पांच दिवसीय दिवाली का पहला दिन होता है। धनतेरस के दिन से दिवाली का त्योहार प्रारंभ हो जाता है।

मान्यता है इस इस दिन आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रगट हो हुए थे। इसी कारण से हर वर्ष धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा निभाई जाती है। कहा जाता है जो भी व्यक्ति धनतेरस के दिन सोने-चांदी, बर्तन, जमीन-जायजाद की शुभ खरीदारी करता है उसमें तेरह गुना की बढ़ोत्तरी होती है।

धनतेरस के दिन हर कोई नई चीज अवश्‍य खरीदता है। अगर इन 5 चीजों में से कोई एक आप खरीदते हैं तो आपके घर में बरकत बनी रहेगी। मान्‍यता है कि इन चीजों से मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होती हैं।

- आजकल बाजारों में चांदी के सिक्‍कों की भरमार है। ऐसे में असली और नकली की पहचान कर पाना काफी मुश्किल होता है। बेहतर होगा कि आप किसी सरकारी बैंक से सिक्‍का खरीदें।

- धनतेरस पर चांदी के लक्ष्‍मी-गणेश खरीद सकते हैं। यह संभव न हो तो मिट्टी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदें। ध्यान रहे कि इनकी ऊंचाई अंगूठे जितनी होनी चाहिए। अगर इससे बड़ी मूर्ति खरीदकर घर के मंदिर में स्थापित करते हैं तो रोज उस प्रतिमा का विधि-विधान से पूजा-पाठ करना होगा। अन्यथा मूर्ति दोष लगता है। धनतेरस से दीपावली तक इन मूर्तियों की पूजा करें और बाद में इन्हें त‌िजोरी में रखें। न‌ियम‌ित धूप-दीप करें। इससे आपके धन में वृद्ध‌ि होगी।

- धनतेरस के दिन धनिया बीज अवश्‍य खरीदें। धनिये को धन का प्रतीक माना जाता है। लक्ष्मी पूजन के समय देवी को धन‌िया अर्प‌ित करने के बाद अपने बगीचे में कुछ बीज बो दें और कुछ को कौड़ी और गोमती चक्र के साथ त‌िजोरी में रखें।

- धनतेरस के दिन अपने घर की लक्ष्‍मी यानी अपनी पत्‍नी को उपहार में सोने-चांदी के गहने देने के अलावा लाल वस्‍त्र और सुहाग का सामान भी भेंट कर सकते हैं। यह शुभ और मंगलकारी माना जाता है।

धनतेरस के दिन पांच देवताओं, गणेश जी, मां लक्ष्मी, ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा की जाती है। मान्यता के मुताबिक भगवान धन्वंतरी का जन्म त्रयोदशी के दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वंतरी का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। धन्वंतरी जब प्रकट हुए थे, तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था।

धनतेरस पूजा का मंत्र (Dhanteras Puja Mantra)
देवान कृशान सुरसंघनि पीडितांगान, दृष्ट्वा दयालुर मृतं विपरीतु कामः
पायोधि मंथन विधौ प्रकटौ भवधो, धन्वन्तरि: स भगवानवतात सदा नः
ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि

धनतेरस 2021 तिथि और शुभ मुहूर्त

धनतेरस 2021- 02 नवंबर, मंगलवार

धनतेरस मुहूर्त - शाम 06 बजकर 18 मिनट से लेकर रात के 08 बजकर 11 मिनट तक

धनतेरस पर शुभ खरीदारी की अवधि :1 घंटे 52 मिनट तक

प्रदोष काल :17:35 मिनट से 20:11 मिनट तक

वृषभ काल :18:18 मिनट से 20:14: मिनट तक।

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