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क्या आप भी हैं बार-बार होने वाली घबराहट से परेशान? इस तरह पाएं राहत

क्या आप भी हैं बार-बार होने वाली घबराहट से परेशान? इस तरह पाएं राहत

कई लोग घबराहट की समस्या से परेशान रहते हैं। ये एक ऐसी मनोदशा है, जिससे उबर पाना असंभव सी बात होती है। बेचैनी की इस समस्या से जूझते हुए इंसान की सेहत पर भी गहरा असर पड़ता है। ज्यादातर इस समस्या से युवतियां ग्रस्त होती हैं, या वो लोग जिनके साथ कोई ऐसी घटना घटित हुई हो, जिसने उनकी अंतरआत्मा को झकझोर कर रख दिया हो। आमतौर पर वो लोग भी इस समस्या से ग्रस्त रहते हैं, जिन्होंने जीवन में किसी तरह के हालात का सामना नहीं किया होता। हालांकि, ऐसे में बेचैनी से जूझते लोग अपने घरों की साज-सज्जा पर ध्यान देकर घबराहट की समस्या को दूर भगा सकते हैं। 

इसके लिए राजधानी भोपाल के निजी अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने इस समस्या से उबरने के लिए कुछ खास उपाय बताएं हैं। घबराहट की समस्या से दो चार रहने वाले इन टिप्स को फॉलो करते हैं तो उन्हें जरूर फायदा मिलेगा।आइये जानते हैं उसके बारे में..।

-खुलापन जरूरी चारदीवारी में रहने वाले लोग में आमतौर पर घबराहट की समस्या से ज्यादा ग्रस्त रहते हैं। इसलिए हमें हमेशा हमारे घर खुली और हवादार जगह बनाने चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कि फर्नीचर के आइटम्स के बीच कुछ जगह हो, ताकि परिवेश में सुकून का अहसास हो। यह भी ध्यान रखें कि कमरे के एक-एक कोने की भारी साज-सज्जा से उलझन भरा अहसास होगा। इसलिए कमरे को मनमोहक चीजों से सजाएं जो आंखों को सुकून दें। कई लोगों के घरों में ऐसी चीजों की भरमार होती है, जो जीवनभर उनके काम नहीं आने वाली। लेकिन फिर भी घर के किसी कोने को वो घेरे रहती हैं। कभी काम न आने वाली ऐसी चीजों को घर से बाहर निकालकर छुटकारा पाएं। उनकी छटनी और भीड़ कम करने का यह काम अपने-आप में तनाव दूर करेगा।

-घर के अंदर पौधे लगाएं घबराहट दूर करने में हरियाली का बड़ा योगदान होता है। इसलिए घर में जितने हो सकें पोधे लगाएं। घर में पौधे लगाने से तनाव दूर रहता है, कार्य क्षमता में बढञोतरी होती है और मन प्रसन्न रहता है। वहीं फूलों से घरों में जान आ जाती है और कमरे में उनकी खुशबू बनी रहती है। आप चाहें तो कमरे की छत से पौधों का बॉस्केट लटकने दें। कमरे के अंदर की हरियाली से जुड़कर आप तनाव कम कर सकते हैं।

-आरामदेह हो बिस्तर घबराहट दूर करने वाले विभिन्न प्रयासों में एक चैन की नींद सोना है। क्योंकि, जब आप अच्छी नींद लेते हैं, तो आपका दिल स्वस्थ होता है, जिसके कारण आपको घबराहट में कमी आती है। ऐसे में मैट्रेस (गद्दे) की गुणवत्ता काफी महत्वपूर्ण होती है। इसका स्पर्श और अनुभव सुखद हो तो नींद भी बेहतर आती है।

-जिंदगी में रंग भर दें रंगों का इंसान के जीवन और चरित्र से गहरा रिश्ता होता है। अलग अलग रंगों का अलग अलग प्रभाव व्यक्ति पर पड़ता है। रंगों को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग अलग होती हैं। कुछ लोगों के लिए 'लाल' क्रोध का रंग है और भड़कीला है तो कुछ अन्य इसे आराम और सुकून का रंग मानते हैं। पर रंगों का हमारे जीवन पर बड़ा प्रभाव है। इसलिए हमेशा अपने आसपास उन रंगों को संजोकर रखें, जिनसे आपके मन को शांति मिलती है। इन्हें कपड़ों के रूप में देख सकते हैं, घर की दीवारों के रूप में देख सकते हैं, मोटर-गाड़ी के रूप में भी देख सकते हैं।

-सही रोशनी रोशनी में हमारी अनुभूतियों को बड़ा करने की क्षमता होती है। यह विस्तार सकारात्मक और नकारात्मक दोनों दिशाओं में हो सकता है। प्राकृतिक रोशनी विटामिन-डी का स्रोत होती है, जो इंसान के शरीर के लिए बेहद जरूरी होती है। इस हिसाब से तनाव दूर करने का बड़ा विकल्प शरीर में धूप लगाना है। हालांकि, कमरे के अंदर मध्यम रोशनी हो तो यह अधिक सुखद और आकर्षक होता है। इसलिए लेंप, कैंडल और फेयरी लाइट से कमरे की अंदरूनी साज सज्जा करें।

-संवेदी अंगों में उत्तेजना का संचार करें हर घर में कुछ ऐसा हो, जिसके स्पर्श से संवेदी अंगों में उत्तेजना का संचार हो, ताकि आप अपने परिवेश से खुद को जुड़ा हुआ मेहसूस कर सकें। इसके लिए आप घर में टेक्सचर के फर्नीचर सजाएं। उदाहरण के लिए कोमल अहसास देने वाले फर्नीचर की जगह ब्रिकवर्क फर्नीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके स्पर्श से आपको सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी।

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