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इन बातों को नज़रअंदाज़ करने से होता है थायराइड, जानिए इसका बेस्ट ट्रीटमेंट

इन बातों को नज़रअंदाज़ करने से होता है थायराइड, जानिए इसका बेस्ट ट्रीटमेंट

भारत में अधिकांश महिलाएं अपनी बीमारियों को छुपाती हैं। इसे भारतीय सोच कहें या कुछ और कि हमारे देश में औरतें शर्म की वजह से अपनी शारीरिक परेशानियों को दबाए रखती हैं। जब तक बीमारी बढ़ने पर मर्ज का पता चलता है बहुत देर हो जाती है।

थायरॉयड है गंभीर बीमारी: इसी तरह से थायरॉयड एक ऐसी बीमारी है जो पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक होती है। हर दस थायरॉयड के मरीजों में 8 महिलाएं होती हैं। थायरॉयड से ग्रस्त महिलाओं को मोटापा, तनाव, डिप्रेशन, बांझपन, कोलेस्ट्रॉल जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। थायरॉयड एक ग्रंथि है जो गर्दन में स्थित होती है। यह ग्रंथि थायोक्सिन नाम के हार्मोन का उत्पादन करती है, लेकिन थायरॉयड ग्लैंड के घटने या बढ़ने से परेशानी होती है।

थायरॉयड में अश्वगंधा है असरदार: थायरॉयड के इलाज में अश्वगंधा बहुत गुणकारी है। यह एक शक्तिवर्धक आयुर्वेदिक औषधि है। इसका सेवन करने से थायरॉयड को कंट्रोल किया जा सकता है।

# 200 से 1200 मिलीग्राम अश्वगंधा चूर्ण एक कप चाय के साथ मिला कर लें। आप चाहें तो अश्वगंधा की पत्तियों को पीस कर भी उपयोग में ला सकते हैं।

# इसके अलावा इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए आप तुलसी का भी प्रयोग कर सकते हैं। हाइपोथायरायडिज्म के लिए आयुर्वेदिक इलाज में महायोगराज गुग्गुलु और अश्वगंधा के साथ भी इलाज किया जाता है।

इस तरह से अश्वगंधा के उपयोग से थायरॉयड को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन अश्वगंधा के उपयोग से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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