Breaking News

हिमाचल को मधुमेह रोग ने जकड़ा, 50 हजार रोगियों की हुई पहचान

हिमाचल को मधुमेह रोग ने जकड़ा, 50 हजार रोगियों की हुई पहचान

हिमाचल प्रदेश मधुमेह रोग की गिरफ्त में आता जा रहा है। इसके तहत राज्य में मधुमेह से ग्रस्त 50 हजार रोगियों की पहचान की गई है। हैरानी इस बात की है कि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक मधुमेह रोगी सामने आ रहे हैं। इस समय राष्ट्रीय औसत 9.8 फीसदी है जबकि राज्य में 11.5 फीसदी है। यानि राज्य में राष्ट्रीय औसत से 1.7 फीसदी अधिक रोगी हैं, जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है। इसे देखते हुए सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री निरोग योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की वार्षिक स्क्रीनिंग की जा रही है। 

इस स्क्रीनिंग के लिए राज्य भर में मुख्यमंत्री निरोग योजना के तहत 50,000 मधुमेह रोगियों की पहचान की गई बिलासपुर, धर्मशाला, रिकांगपिओ, कुल्लू, मंडी, सोलन, ऊना, रामपुर, पालमपुर और पांवटा साहिब में 10 निरोग क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। इन क्लीनिकों में प्रशिक्षित डाॅक्टर, स्टाफ नर्स और सहयोगी स्टाफ की सेवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। मुख्यमंत्री निरोग योजना के तहत राज्य में करीब 24 लाख लोगों की जांच की गई है। जांच के दौरान 8.5 लाख लोग मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों से ग्रस्त पाए गए हैं।

इन कारणों से रोगी बन रहे लोग स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लोगों के मधुमेह सहित अन्य बीमारियों से ग्रस्त होने के कुछ कारण बताए गए हैं। इसमें सबसे प्रमुख कारण लोगों का शराब और तंबाकू का अधिक सेवन करना प्रमुख है। इसके अलावा लोगों की तरफ से उचित आहार न लेने और जीवन शैली में आए बदलाव के कारण भी रोग बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इससे बचने के लिए लोगों को अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाने और योगाभ्यास करने के अलावा चिकित्सकों की तरफ से दी गई एहतियात को बरतने की सलाह दी है।

No comments