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2022 में इन टॉप 10 जॉब में मिलेगी सबसे ज्यादा सैलरी! देखें पूरी लिस्ट

2022 में इन टॉप 10 जॉब में मिलेगी सबसे ज्यादा सैलरी! देखें पूरी लिस्ट

यहां हम 10 ऐसे जॉब के बारे में बता रहे हैं, जो वर्ष 2022 में हाईएस्ट पेइंग जॉब रहने वाली हैं। इनमें मिलने वाली सैलरी पैकेज और अपने इंटरेस्ट के अनुसार कोर्स का चुनाव कर सकते हैं।

1. सिस्टम एनालिस्ट (System analyst)
एक सिस्टम एनालिस्ट को बिजनेस टेक्नोलॉजी एनालिस्ट भी कहा जाता है। ये वे आईटी स्‍पेशलिस्‍ट हैं, जो इनफार्मेशन सिस्‍टम के एनालिस्ट, डिजाइन और इम्प्लीमेंट में माहिर होते हैं। ये सभी इश्‍यू को उचित तरीके से ठीक करने और प्रोग्राम व डेटाबेस का परीक्षण करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। ये ऑर्गेनाइजेशन में सिक्योरिटी ऑडिट भी करते हैं। भारत में एक सिस्टम एनालिस्ट की सैलरी लगभग प्रति वर्ष 16 लाख रुपये प्रतिवर्ष होता । एक सिस्टम एनालिस्ट को विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम, हार्डवेयर कॉन्फ़िगरेशन, प्रोग्रामिंग भाषाओं और सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर प्लेटफॉर्म के बारे में जानने की आवश्यकता पड़ती है।

2. ब्लॉकचेन इंजीनियर (Blockchain engineer)
एक ब्लॉकचेन इंजीनियर वह प्रोफेशनल होता है, जो ब्लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी का उपयोग करके आर्किटेक्‍चर और समाधानों को डेवलप व इम्प्लीमेंट करने में माहिर होता है। ये मुख्‍य रूप से टेक्‍नोलॉजी कंसल्टिंग फर्मों या डेटा सेवा फर्मों के लिए एक डिजिटल ब्लॉकचेन को लागू करना और बनाना पसंद करते हैं। साथ ही ये कोड का विश्लेषण भी करते हैं और किसी भी जूनियर कर्मचारी को ट्रेनिंग भी देते हैं। ब्लॉकचेन कैसे काम करता है, इस पर एक ब्लॉकचेन इंजीनियर की अच्छी पकड़ होनी चाहिए। उन्हें सर्वसम्मति और हैश फ़ंक्शन जैसी अवधारणाओं को समझने की आवश्यकता होती है। भारत में एक ब्लॉकचेन इंजीनियर को सालाना औसतन 15 लाख रुपये सैलरी मिल जाती है।

3. प्रोडक्ट मैनेजर (Product manager)
एक प्रोडक्ट मैनेजर वह प्रोफेशनल है, जो उत्पाद में कस्टमर की जरूरतों को पहचान कर उसे डेवलप करता है। प्रोडक्ट मैनेजर पर फिजिकल और डिजिटल दोनों तरह से प्रोडक्ट का बिजनेस आइडिया तैयार करने की जिम्‍मेदारी होती है। ये प्रोडक्ट के लॉच तक की सभी व्यवस्थाओं को देखते हैं और जरूरत पड़ने पर उसमें बदलाव करते हैं। ये सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, डेटा साइंटिस्‍ट और प्रोडक्‍ट साइंटिस्ट के वर्क का कॉर्डिनेशन भी करते हैं। ये प्रोडक्ट की व्यावसायिक सफलता के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होते हैं। एक प्रोडक्ट मैनेजर को सालाना लगभग 25 लाख रुपये तक की सैलरी मिलती है।

4. फुल-स्टैक डेवलपर (Full-stack developer)
एक फुल-स्टैक डेवलपर क्लाइंट और सर्वर दोनों सॉफ्टवेयर बना सकता है। ये फ्रंट-एंड और बैक-एंड डेवलपमेंट, दोनों में काम करते हैं और प्रोडक्ट कॉन्सेप्ट से डेवलपमेंट के सभी स्‍टेज को भी तय करते हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि ब्राउजर, सर्वर और डेटाबेस को कैसे प्रोग्राम करना है, जैसे जावास्क्रिप्ट, jQuery, कोणीय आदि का उपयोग करना। भारत में एक पूर्ण स्टैक डेवलपर का औसत वार्षिक सैलरी लगभग 11 लाख रुपये होती है।

5. DevOps इंजीनियर (DevOps engineer)
एक DevOps इंजीनियर कोडिंग और क्लासीफाइंग से लेकर रखरखाव और अपडेटिंग करने तक सभी कार्य करता है। ये सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के पूरे लाइफ में जरूरतों को बैलेंस करने के लिए एक प्लान डेवलप करता है। ये जटिलता को कम करते हैं और किसी एप्लिकेशन को जल्दी से बदलने के लिए होने वाली जरूरतों को पूरा करते हैं। ये एक एप्लिकेशन के लिए नई करैक्टेरिस्टिक्स का इंट्रो देते हैं। वहीं ऑपरेशन टीम एक एप्लिकेशन के जारी होने के बाद उसकी स्थिरता की रक्षा करना चाहती है। एक DevOps इंजीनियर को 11 लाख रुपये प्रति वर्ष की सैलरी मिलती है।

6. डेटा साइंटिस्‍ट (Data scientist)
डेटा साइंटिस्‍ट एनालिटिकल स्‍पेशलिस्‍ट होते हैं, जो थर्ड को खोजने और डाटा को मैनेज करने के लिए अपने स्किल का उपयोग करते हैं। ये बिजनेस चुनौतियों के समाधान को उजागर करने के लिए इंडस्ट्री नॉलेज का उपयोग करते हैं। ये कंप्यूटर साइंस, सांख्यिकी, गणित को जोड़ते हैं और परिणामों की व्याख्या करने के लिए मॉडल डेटा का विश्लेषण और प्रक्रिया करते हैं। एक डेटा साइंटिस्ट को सालाना 15 लाख रुपये की सैलरी मिलती है।

7. क्लाउड आर्किटेक्ट(Cloud architect)
एक क्लाउड आर्किटेक्ट कंपनी की क्लाउड कंप्यूटिंग स्ट्रेटजी का एनालिसिस करने के लिए जिम्मेदार होता है। इसमें क्लाउड अपनाने की योजना और डिजाइन, क्लाउड प्रबंधन और निगरानी शामिल होती है। क्लाउड आर्किटेक्ट का वक्र बेहद टफ माना जाता है। हालांकि इनको सैलरी भी शानदार मिलती है। एक क्लाउड आर्किटेक्ट को भारत में सालाना 26 लाख रुपये तक की सैलरी मिलती है।

8. IoT सॉल्यूशन आर्किटेक्ट (IoT solutions architect)
IoT सॉल्यूशन आर्किटेक्ट वह प्रोफेशनल होते हैं, जो इंटरनेट के प्रैक्टिकल यूज के लिए एप्लिकेशन को डेवलप करते हैं। IoT सॉल्यूशन आर्किटेक्ट डेवलपमेंट का रास्ता साफ करने के लिए इंजीनियरों और सेल्सपर्सन के साथ काम करता है। उन्हें IoT सॉल्यूशन के संदर्भ के बारे में पता होना चाहिए और IoT डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए कई डिपार्टमेंट के साथ मिलकर वर्क करना चाहिए। इन्‍हें सालाना करीब 10 लाख रुपये तक सैलरी मिलती है।


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9. एआई आर्किटेक्ट (AI architect)
एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आर्किटेक्ट डिजाइन ऑप्‍शन बनाकर डेवलपमेंट करता है। वे कोडिंग जैसे टेक्निकल स्‍टैंडर्स को निर्धारित करते हैं। एआई आर्किटेक्ट को इंफॉर्मेशन और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी होनी चाहिए। साथ ही एक आर्किटेक्ट का निर्माण करने के लिए उन वर्तमान तकनीक की भी जानकारी होनी चाहिए, जो भविष्य में काम करेगी और अनुकूल होगी। भारत में एक AI आर्किटेक्ट की सालाना सैलरी लगभग 63 लाख रुपये तक हो सकती है।

10. सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट (Software architect)
एक सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट वह स्‍पेशलिस्‍ट होता है, जो उच्च-स्तरीय डिजाइन विकल्प बनाता है और कोडिंग जैसे तकनीकी मानकों को लागू करने का प्रयास करता है। ये डिजाइन विकल्प बनाकर और कोडिंग जैसे तकनीकी मानकों को निर्धारित करके डेवलपमेंट प्रोसेस को आसान बनाते हैं। एक सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट को सालाना 45 लाख रुपये तक की शानदार सैलरी मिलती है।

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