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इन 3 भारतीय खिलाड़ियों को जल्द ले लेना चाहिए संन्यास, लेकिन जबरदस्ती लंबा खींच रहे हैं करियर

देश के हजारों युवा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलने का सपना देखते हैं लेकिन सभी के लिए अपना सपना पूरा करना संभव नहीं हैं. टीम में जगह बनाने से कठिन टीम में बने रहना हैं.
प्रत्येक वर्ष कुछ नए चेहरों को टीम इंडिया का टिकेट मिलता हैं लेकिन निरंतरता की कमी के कारण उन्हें जल्द ही प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया जाता हैं. आज इस लेख में हम 3 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जानेगे, जिनका करियर लगभग खत्म हो चूका हैं लेकिन फिर भी ये खिलाड़ी संन्यास नहीं ले रहे हैं.

1) दिनेश कार्तिक

विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने साल 2004 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था. बेहद कम लोग ये जानते होंगे कि उन्होंने एमएस धोनी से पहले भारतीय टीम की कैप हासिल की थी लेकिन धोनी की निरंतरता के सामने कार्तिक हमेशा फीके साबित हुए.

कार्तिक एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में हमेशा कंसिस्टेंट प्रदर्शन किया. जिसके कारण उन्हें कई बार टीम इंडिया के लिए मौके मिले लेकिन घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को कभी भी अन्तराष्ट्रीय स्तर पर दोहराने में सफल नहीं हो पाए. कार्तिक वर्तमान में 36 साल के हो चुके हैं और भारत के पास ऋषभ पंत और केएल राहुल जैसे युवा विकेटकीपर खिलाड़ी हैं, ऐसे में उनकी वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हैं.

2) हरभजन सिंह

भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने साल 1998 में डेब्यू किया था. जिसके बाद से उन्होंने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया और लगभग एक दशक तक टीम इंडिया के लिए कंसिस्टेंट प्रदर्शन करते रहे. साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में भज्जी ने टीम इंडिया की टीम में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन इसके बाद से उनके प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखने को मिलती रही. दूसरी तरफ रविचंद्रन आश्विन और रवीन्द्र जडेजा की जोड़ी के कंसिस्टेंट प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया.

हरभजन सिंह ने साल 2016 में भारत के लिए आखिरी मैच खेला था और वर्तमान में उनकी वापसी की उम्मीद भी दिखाई नहीं दे रही हैं. दिग्गज ऑफ स्पिनर अब 41 साल के हो रहे हैं हालाँकि उन्होंने अभी तक संन्यास का ऐलान नहीं किया हैं.

3) केदार जाधव

केदार जाधव ने साल 2014 में एमएस धोनी की कप्तानी में बतौर मध्यक्रम बल्लेबाज डेब्यू किया था. लेकिन धोनी के क्रिकेटिंग दिमाग ने उन्हें ऑलराउंडर बना दिया. दरअसल एक समय ऐसा था जब टीम में केदार बल्लेबाजी में फ्लॉप हो रहे थे और सोशल मीडिया में उनकर जमकर मजाक उड़ाया जाता था लेकिन धोनी ने उनकी छुपी प्रतिभा को ढूंढा और उनसे स्पिन गेंदबाजी कराई. जिसके बाद से केदार टीम के अहम भूमिका निभाने लगे लेकिन इस खिलाड़ी में निरंतरता की कमी और खराब फिटनेस ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया.

जाधव वर्तमान में 36 साल के लिए हो चुके हैं और लगभग 2 साल से उन्होंने कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला हैं. वर्तमान में टीम के पास कई बल्लेबाजी ऑलराउंडर हैं ऐसे में जाधव की वापसी की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही हैं.

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