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ये हैं शिव के 5 चमत्कारी मंदिर, शिवलिंग का रहस्य जान वैज्ञानिक भी हो जाते हैं हैरान

ये हैं शिव के 5 चमत्कारी मंदिर, शिवलिंग का रहस्य जान वैज्ञानिक भी हो जाते हैं हैरान

शिव के इस मंदिर में रोज चमत्कार होता है. दरअसल इस मंदिर के शिवलिंग का रंग दिन में तीन बार बदलता है. सुबह के समय शिवलिंग का रंग लाल, दोपहर में केसरिया और शाम को सांवला हो जाता है. हैरान करने वाली बात है कि इस मंदिर के शिवलिंग का कोई छोर नहीं है. यह शिव मंदिर राजस्थान के धौलपुर में है.

भोजेश्वर महादेव मंदिर




यह शिव मंदिर दुनिया का सबसे पुराना है. इस शिव मंदिर को परमार वंश के नामचीन राजा भोज ने बनवाया था. सान्यता है कि इस शिव मंदिर में साधुओं की एक टोली ने गहन तपस्या की थी. मंदिर के शिवलिंग को एक ही प्रकार के चिकन लाल बलुआ पत्थर से बनाया गया है.

बिजली महादेव मंदिर




इस मंदिर के शिवलिंग पर साल में एक बार बिजली गिरती है. जिसके बाद शिवलिंग टुकड़ों में बंट जाता है. इसके बाद मंदिर के पुजारी शिवलिंग को मक्खन में लपेटकर रख देते हैं. फिर कुछ ऐसा चमत्कार होता है जिससे शिवलिंग फिर से अपने आकार में आ जाता है

लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर




इस शिव मंदिर की स्थापना श्री राम ने खर और दूषण का वध करने के बाद किया था. कहा जाता है कि श्री राम ने लक्ष्मण के कहने कर इस मंदिर को बनवाया था. कहते हैं कि इस मंदिर के शिवलिंग में एक लाख छेद हैं. इनमें से एक छेद ऐसा है जो पाताल से जुड़ा है. इसमें जितना भी पानी डाला जाता है सब समा जाता है. इसके अलावा एक छेद ऐसा है जो हमेशा जल से भरा रहता है.

स्तंभेश्वर महादेव मंदिर




यह शिव मंदिर दिन में दो बार कुछ समय के लिए गायब हो जाता है. ऐसा ज्वारभाटा आने से होता है. एकमात्र यही वह शिव मंदिर है जिससे कर्तिकेय और तारकासुर की कथा जुड़ी है. यह शिव मंदिर गुजरात राज्य में है.

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