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रहने के लिए भूलकर भी न चुनें ऐसी जगह, अच्‍छी-भली जिंदगी भी हो जाती है तबाह

रहने के लिए भूलकर भी न चुनें ऐसी जगह, अच्‍छी-भली जिंदगी भी हो जाती है तबाह

धर्म-पुराणों में इस बात पर बहुत जोर दिया गया है कि व्‍यक्ति की संगति हमेशा अच्‍छी होनी चाहिए. साथ ही उसके रहने की जगह भी अच्‍छी होनी चाहिए. व्‍यक्ति जिस देश, शहर या स्‍थान पर होता है वहां का माहौल, लोग, सरकार अच्‍छा होना बहुत जरूरी है. वरना व्‍यक्ति की जिंदगी तबाह हो जाती है. आचार्य चाणक्‍य ने इस बारे में कुछ अहम बातें बताईं हैं. उन्‍होंने चाणक्‍य नीति शास्‍त्र में ऐसी जगहें बताईं हैं, जहां व्‍यक्ति को गलती से भी नहीं रहना चाहिए.
न करें इन 5 जगहों पर रहने की गलती

चाणक्य नीति में बताई गई इन जगहों पर रहना जिंदगी पर भारी पड़ सकता है.

- आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि जिस जगह पर आय का साधन न हो या जहां व्‍यक्ति को रोजगार न मिले, ऐसी जगह पर उसे कभी नहीं रहना चाहिए. यह उसके और उसके परिवार दोनों के लिए नुकसानदेय है.

- वहीं कारोबारी को ऐसी जगह पर कभी नहीं रहना चाहिए, जो उसके कारोबार के लिए ठीक न हो. वरना उसके जमे-जमाए व्‍यापार को भी बर्बाद होने में देर नहीं लगेगी.

- जिस जगह का राजा दयालु न हो, जहां नियम-कानून से शासन न चलता हो, उस जगह पर कभी नहीं रहना चाहिए. ऐसी जगह पर व्‍यक्ति कभी भी विपत्ति में घिर सकता है.

- जिस जगह पर अच्‍छे और मददगार लोग न रहते हों, वहां कभी नहीं रहना चाहिए. यदि आस-पड़ोस के लोग काम न आएं तो व्‍यक्ति बहुत बड़ी मुसीबत में फंस जाता है.

- जिस जगह पर रहते समय हमेशा मौत या नुकसान का भय बना रहे, वहां पर कभी नहीं रहना चाहिए. क्‍योंकि इस तरह डर के साए में जीना नर्क जैसा जीवन जीने जैसा है.

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