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अंक तोड़ रहे रोजगार की उम्मीद, बाहर हो रही बेरोजगारी कम

अंक तोड़ रहे रोजगार की उम्मीद, बाहर हो रही बेरोजगारी कम

प्रदेश में मेरिट के आधार पर हो रही भर्ती से प्रदेश में रोजगार की उम्मीद व बाहर बेरोजगारी कम हो रही है। ताजा मामला कोविड सहायक भर्ती का ही है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद प्रदेश के 33 जिलों में हुई कोविड सहायक की भर्ती में भी बाहरी राज्यों से अंकतालिका लेकर आए अभ्यर्थी यहां के अभ्यर्थियों पर भारी पड़े है। खास बात यह है कि प्रदेश में अभी भी नर्सिंग के अलावा चिकित्सा विभाग की ज्यादातर भर्ती मेरिट के आधार पर हो रही है। इसको लेकर प्रदेशभर में विरोध शुरू हो गया है। 

बेरोजगारों ने संयुक्त संघर्ष समिति गठित कर आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश में नर्सिंग भर्ती के अलावा फार्मासिस्ट ,प्रयोगशाला सहायक, लैब टेक्नीशियन ,रेडियोग्राफर अन्य पैरामेडिकल संवर्ग की भर्तियां केवल मेरिट बेस पर कराई जा रही हैं। बेरोजगारों का कहना है कि सबसे ज्यादा गड़बड़ी मेरिट के आधार पर होने वाली भर्तियों में हो रही है। इसके बाद भी विभाग की ओर भर्तियों का पैटर्न नहीं बदला रजा है। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन यूनाइटेड के अध्यक्ष भरत बेनीवाल का कहना है कि सरकार की इस नीति के विरोध में सभी जिलों में जन जागरण किया जा रहा है। अगले महीने प्रदेश में बड़ा आंदोलन कर सरकार को घेरा जाएगा।

तालिका के अंक तोड़ रहे रोजगार की उम्मीद, बाहर हो रही बेरोजगारी कम


400 से अधिक जाली अंकतालिका आ चुकी सामने

नर्सिंग व पेरामेडिकल की भर्तियों में पिछले दस साल में हुई भर्तियों में 400 से अधिक जाली अंकतालिका सामने आ चुकी है। इन अंकतालिकाओं का सत्यापन नहीं होने की वजह से अवैध माना गया। राजस्थान व दूसरे राज्यों के निजी विवि की कई ऐसी अंकतालिका भी सामने आई जिसमें एक ही विद्यार्थी को एक समय में दो डिग्री दे दी गई। शिकायत होने पर मामले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि मेरिट के आधार पर होने वाली भर्ती की वजह से जाली अंकतालिकाओं का खेल बढ़ा है।

नर्सिंग मेरिट बेस्ट भर्ती
चिकित्सा विभाग में दस साल पहले लिखित परीक्षा से नर्सेज की भर्ती हुई थी। भर्ती में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम की योग्यता तय की गई। बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के अंकों के साथ कक्षा 12 वीं के अंक जोड़कर कॉमन मेरिट जाती है। इस पैटर्न को लेकर युवाओं में काफी विरोध है।

पैरामेडिकल की मेरिट बेस्ट भर्तियां

रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्निशियन की भर्ती मेरिट बेस्ट पर कराई जाती है। इनकी योग्यता डिप्लोमा के साथ पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीयन होना आवश्यक है। प्रदेश में 2 साल का डिप्लोमा काउंसिल 5 साल में पूरा कराती है। जबकि मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से एक लाख रुपए में ज्यादा अंकों की डिग्री खरीद कर ले आए। कई युवा पेरामेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराकर भर्तियों में शामिल हो गए। ऐसे में कई बेरोजगारों को पेरामेडिकल भर्ती से बाहर का रास्ता दिखाया गया।

फार्मासिस्ट की मेरिट बेस्ट भर्तियां
प्रदेश में फार्मासिस्ट में भर्ती मेरिट बेस के आधार पर कराई जाती है। इसमें डिप्लोमा डिग्री के साथ फार्मेसी काउंसिल का पंजीयन और 12 वीं की मेरिट को आधार माना जाता था। लेकिन कई अभ्यर्थी निजी विवि से अंकतालिका लेकर आ गए। इस वजह से भर्ती प्रक्रिया कई बार अटकी।

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