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सुबह घास पर नंगे पांव चलने से दूर होतीं हैं ये बीमारियां सेहत में होते है ये फायदे

सुबह घास पर नंगे पांव चलने से दूर होती हैं ये बीमारियां सेहत में होते है ये फायदे

यह बात तो सभी जानते हैं कि सुबह की सैर हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। हरी घास पर नंगे पैर चलने से शारीरिक और मानसिक तनाव दूर हो सकता है। चलने के फायदे सभी को पता होंगे और यह एक तरह का व्‍यायाम भी है लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि नंगे पैर घास पर चलना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से कितनी फायदेमंद है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए टहलना बहुत महत्वपूर्ण होता है। 

सिर्फ वॉक कितनी देर की जाए इस बात पर ध्यान देने से ही फायदा नहीं होता बल्कि ये भी सोचना चाहिए कि वॉक कहां की जाए। वॉक के लिए पार्क जाइये और हरियाली देखिये। हरियाली के बीच सुबह का टहलना न केवल तनाव से मुक्ति दिलाता है बल्कि दिल के लिए भी अच्छा है। हृदय रोगियों को हरियाली के बीच टहलना चाहिए। 

घास पर टहलने के और भी कई लाभ होते हैं। आइये जानते हैं उनके बारे में।

1. आंखों की रोशनी होगी तेज अगर आप अपने आंखों की रोशनी को अच्छा करना चाहते हैं तो घास पर चलना आपके लिए काफी अच्छा होगा। डॉक्टर्स के अनुसार हमारे पैरों में एक प्रेशर पॉइन्‍ट होता है। नंगे पाव घास पर चलने से ये इस प्रेशर पॉइन्‍ट प्रेशर पड़ता है। जिसकी वजह से ये दुरुस्त रहता है। डॉक्टर्स के अनुसार हरी चीजों को देखने से आंखों की रोशनी अच्छी होती है। अगर आप घास की ओस अपनी आंखो में रोजाना सुबह लेंगे। तो इससे आपके आंखों की रोशनी काफी अच्छी होगी। सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलने से आंखों की रोशनी भी तेज होती हैं। जो लोग चश्मा लगाते है कुछ दिन नंगे पैर हरी घास पर चलने से उनका चश्मा उतर जाता है या चश्मे का नंबर कम हो जाता है। ये भी ग्रीन थेरेपी का चमत्कार है

2. मधुमेह में उपयोगी मधुमेह रोगियों के लिए हरियाली के बीच बैठना टहलना और उसे देखना बहुत अच्छा माना जाता है। ऐसे लोगों में कोई भी घाव आसानी से नहीं भरता परंतु मधुमेह रोगी यदि हरियाली के बीच रह कर नियमित गहरी सांस लेते हुए टहले तो शरीर में ऑक्सीजन की पूर्ति होने से समस्या से निजात पाया जा सकता है।

3. उच्च रक्तचाप में लाभदायक उच्च रक्तचाप के सभी रोगियों को प्रतिदिन सूर्योदय के समय भ्रमण के लिये किसी पार्क में जाकर एक घंटे शुद्ध वायु के वातावरण में प्रतिदिन बैठने व इसी अवधि में ओस पड़ी हरी घास पर कुछ समय नंगे पैर नियमित चलने से पर्याप्त लाभ मिलता है।

4. छींक एलर्जी का इलाज ग्रीन थेरेपी का मुख्य अंग है हरी-भरी घास पर नंगे पैर चलना या बैठना। सुबह-सुबह ओस में भीगी घास पर चलना बहुत बेहतर माना जाता है। जो पांवों के नीचे की कोमल कोशिकाओं से जुड़ी तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक राहत पहुंचाता है।

5. नर्वस सिस्‍टम होगा दुरुस्त अगर आप घास पर नंगे पांव चलते हैं तो इससे आपका नर्वस सिस्टम भी अच्छा रहता है। दरअसल नंगे पाव चलने से हमारे पैर का विशिष्ट एक्यूपंक्चर पॉइन्‍ट उत्तेजित होता हैं जो हमारी नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करने में सहायक होती है। इससे नर्वस सिस्‍टम में काफी सुधार होता है।


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