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कैसे असफलता को पीछे छोड़ भाइयों की इस जोड़ी ने खड़ा किया 180 करोड़ का कपड़ों का बिजनेस

कैसे असफलता को पीछे छोड़ भाइयों की इस जोड़ी ने खड़ा किया 180 करोड़ का कपड़ों का बिजनेस

दो भाइयों, सचिन और सुनीत खरबंदा ने 1995 में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद निर्यात के व्यवसाय में प्रवेश किया। उन्होंने अमेरिका में महिलाओं के कपड़ों को एक्सपोर्ट और मैन्युफैक्चर करने का काम शुरू किया, और यहां तक कि घरेलू बाजार में भी कपड़े बेचे। वे लगभग तीन साल तक काम करते रहे लेकिन वो बात नहीं बनी जैसा कि वे चाहते थे।

सचिन newshimachali को बताते हैं, “हम केवल मैन्युफैक्चरिंग और सैंपल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। इसके अलावा, हम केवल थोक विक्रेताओं या खुदरा विक्रेताओं के साथ बातचीत कर रहे थे, न कि अंतिम उपभोक्ता से। इसी के चलते हम पीछे थे।”

सचिन कहते हैं कि दोनों भाई हमेशा फैक्टरी में मौजूद रहते थे, मौजूदा आइटम को बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते थे, लेकिन वास्तव में यह नहीं पता था कि बाजार में क्या बिक रहा था। उनका बिजनेस लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गया और उन्हें दुकान बंद करनी पड़ी।

हालाँकि, यह एक और रोचक यात्रा की शुरुआत थी। सचिन कहते हैं कि जहां बेचना उनकी कमजोरी थी, तो विनिर्माण उनकी ताकत बन गया। भाइयों ने 2002 में नोएडा के सेक्टर -18 के मार्केट में प्रॉपर्टी को फैक्ट्री आउटलेट में बदला और महिलाओं की शर्ट और ट्यूनिक्स बेचना शुरू किया।

इस आउटलेट ने उन्हें सीधे ग्राहकों के साथ बातचीत करने में मदद की, और उनकी प्रतिक्रिया ने उन्हें बाजार को बेहतर ढंग से समझने और चल रहे ट्रेंड्स के अनुसार ढलने में मदद की। इस तरह से फ्यूजन वियर ब्रांड Lakshita Fashions Pvt Ltd अस्तित्व में आया।

एक दुकान से, लक्षिता 69 स्टोर (महामारी से पहले) तक बढ़ा और उत्तर भारत में एक प्रसिद्ध खुदरा परिधान ब्रांड बन गया। पिछले वित्त वर्ष में इसने 180 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

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