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Lakwa Ka Tel Banane Ki Vidhi: लकवा का तेल बनाने की विधि

Lakwa Ka Tel Banane Ki Vidhi: लकवा का तेल बनाने की विधि

लकवा का तेल बनाने की विधि – पैरालिसिस अटैक जिसे आम भाषा में लकवा कहते हैं, एक खतरनाक बीमारी है. लकवे में व्यक्ति चलने-फिरने और अंग को महसूस करने की क्षमता खो देता है. शरीर के जिस हिस्से में पैरालिसिस होता है वो अंग कम करना बंद कर देता है. अगर लकवा मुंह में होता है तो मुंह टेढ़ा हो जाता है और बोलने पर मुंह से आवाज भी नहीं निकलती.

आपको बता दें कि लकवा की बीमारी किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति या महिला को हो सकता है. लेकिन अधिकतर यह ज्यादा उम्र के लोगों में देखा गया है. लकवा की बीमारी को ठीक होने में काफी समय लग जाता है. लकवे का उपचार करने के लिए जड़ी बूटियों से मिश्रित तेल का इस्तेमाल किया जाता है. इसके साथ ही दवा और तेल के मालिश से लकवे को ठीक किया जा सकता है.

आज के इस पोस्ट में आप लोगों को लकवा का तेल बनाने की विधि के बारे में बताने वाले हैं. लकवा को आयुर्वेद में पक्षाघात रोग भी कहते हैं. इस रोग में रोगी के एक तरफ के सभी अंग काम करना बंद कर देते हैं. जैसे बांए पैर या बाएं हाथ का कार्य न कर पाना. साथ ही इन अंगों की दिमाग तक चेतना पहुंचाना भी निष्क्रिय हो जाता है और इस रोग की वजह से अंगों में टेढ़ापन आ जाता है.

लकवा की बीमारी के लक्षण
  • लकवा रोग में शरीर की नसों को पूरी तरह से सुखा देता है.
  • शरीर का अंग काम नहीं करता है.
  • इसके अलावा शरीर के मुख्य अंग जैसे नाक, आंख और कान सभी टेढ़े हो जाते हैं.
  • होठों एक तरफ लटक जाता है.
  • लकवा का तेल बनाने की सामग्री
  • पके हुए धतूरे का 8 फल
  • आंक का जड़ 400 ग्राम
  • कुचिला का टुकड़ा 200 ग्राम
  • पीला सरसों का तेल 200 ग्राम
  • सफ़ेद संखिया 20 ग्राम. ध्यान दें यह जहरीला होता है. इसलिए इसे ग्लोव्स की मदद से ही छुए.

लकवा का तेल बनाने की विधि 
ऊपर बताये सभी सामग्री को लेकर के पत्थर से इसे कूट लें. कूटकर इसे लूद्दी के तरह बना लें. अब पाताल यंत्र के माध्यम से इसका तेल निकालना है. पाताल यंत्र की मदद से तेल निकल जाए तो ये तेल आपका बनकर तैयार है. विशेषकर लकवा के लिए ये तेल बनकर तैयार है. इस तेल को लकवा ग्रसित अंग में इस तेल का इस्तेमाल करें.

अब अगर इस तेल का इस्तेमाल गठिया से पीड़ित व्यक्ति के लिए करना है तो जितना ये तेल निकला है उसमें 3 गुना तिल का तेल मिलाकर अच्छी तरह से इस्तेमाल करें. गठिया और अन्य प्रकार की शारीरिक दर्द में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

नोट- यह सिर्फ जानकारी के लिए लिखा गया पोस्ट में हैं. लकवे के लिए इस तेल को बनाने के लिए किसी वैध्य की मदद अवश्य लें. यह तेल बनाते समय अपने आँख, नाक और दुसरे संवेदनशील अंग की रक्षा करें.

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