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देश का लाल शहीद: दो गोली लगने के बाद भी नहीं रुका संदीप, आतंकियों को करता रहा ढेर

देश का लाल शहीद: दो गोली लगने के बाद भी नहीं रुका संदीप, आतंकियों को करता रहा ढेर

देश को सर्वाधिक फौजी देने वाले जिलों में शामिल झुंझुनूं के एक और वीर बेटे ने कमाल किया है। जम्मू कश्मीर के पुलवामा के निकट एक ऑपरेशन के दौरान भडौंदा खुर्द निवासी गरुड कमांडो संदीप झाझडिय़ा ने खुद के गोली लगने के बावजूद लगातार गोलीबारी कर तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में कुल चार आतंकवादी मारे गए। पुलवामा ऑपरेशन के लिए शनिवार को सेना की 55 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस समेत सुरक्षाबलों ने शाम करीब सात बजे पुलवामा इलाके के नायरा गांव में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।

कुछ समय बाद, जवान स्थानीय लोगों की इनपुट के आधार पर एक घर के अंदर आतंकियों की मौजूदगी का पता लगाने में कामयाब रहे। जवानों ने तुरंत नागरिकों को उनके घर के अंदर और आस-पास से निकालकर सुरक्षित जगह पर भेजा। इसके बाद सुरक्षाबलों ने घर के चारों ओर की घेराबंदी कर दी।

इस दौरान आतंकियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई। वायु सेना के अधिकारी संदीप झाझडिय़ा के भी दो गोली लग गई। लेकिन संदीप ने हार नहीं मानी। गोली लगने के बावजूद आतंकियों पर गोली बरसाते रहे। तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। संदीप का उपचार किया जा रहा है।

गरुड़ स्पेशल फोर्सेज को अनुभव के लिए भेजते हैं
सेना मुख्यालच गरुड़ स्पेशल फोर्सेज के जवानों को अटैच कर उन्हें राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट्स में भेजता है, जो दैनिक आधार पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते हैं। संदीप हाजिन में 2017 के ऑपरेशन में, गार्ड 13 राष्ट्रीय राइफल्स के ऑपरेशन का हिस्सा थे, जबकि शनिवार को मुठभेड़ में वे 55 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ थे।

संदीप के पिता भी सेना से रिटायर्ड
संदीप के पिता सहीराम झाझडिय़ा भी रिटायर्ड फौजी हैं। वे अभी झुंझुनूं स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में रहते हैं। संदीप का मां का निधन हो चुका। बड़ा भाई विजय झाझडिय़ा डॉक्टर है। संदीप की शादी डेढ़ साल पहले हुई थी। घायल संदीप की सलामती के लिए जिले के लोग व कई संगठन दुआ कर रहे हैं।

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