Breaking News

मिर्गी को ठीक करने के लिए 9 जड़ी बूटी

मिर्गी को ठीक करने के लिए 9 जड़ी बूटी

मिर्गी के लिए जड़ी बूटी – मिर्गी एक बहुत घातक बीमारी है. इसके कारण शरीर में अचानक झटके लगते हैं और बेहोशी आ जाती है. इसके साथ ही मिर्गी की वजह से व्यक्ति अपने शरीर पर से संतुलन खो बैठता है. दरअसल मिर्गी का कोई सटीक कारण बता पाना संभव नहीं है लेकिन मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र एवं शरीर में पाए जाने वाले केमिकल्स में कुछ बदलाव के कारण ये समस्या हो सकती है.

इसके साथ ही मिर्गी की बीमारी होने के मुख्य कारणों में सिर पर चोट लगना, दिमागी बुखार, इंफेक्शन, ब्रेन ट्यूमर और ब्रेन टीवी की वजह से भी हो सकती है. कई बार नशे की वजह से भी मिर्गी के दौरे आने लगते हैं. इसके अलावा खराब लाइफस्टाइल, हार्मोनल बदलाव, स्ट्रेस और नींद पूरी न लेने के कारण भी मिर्गी के दौर आते हैं.

अगर किसी को मिर्गी के दौरे आते हैं तो घबराने की जरुरत नहीं है. आयुर्वेद में इसका इलाज है, जिससे आप प्राकृतिक रूप से स्वस्थ हो सकते हो. आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियां है जिसका इस्तेमाल करके मिर्गी की समस्या में राहत पा सकते हैं. आज के इस पोस्ट में आप लोगों को मिर्गी के लिए जड़ी बूटी के बारे में बताने वाले हैं. तो चलिए जानते हैं…

मिर्गी के लिए जड़ी बूटी लिस्ट
अश्वगंधा
ब्राह्मी
सारस्वतारिष्ट
बलारिष्ट
शंखपुष्पी
देहली
अमरबेल
कल्पवृक्ष
घाटी की कुमुदिनी

ऊपर बताये सभी जड़ी-बूटियां मिर्गी के उपचार में इस्तेमाल की जाती है. इन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक औषधि के रूप में कई बिमारियों में किया जाता है. चलिए अब इन जड़ी-बूटियों के बारे में विस्तार से जानते हैं…
मिर्गी को ठीक करने के लिए जड़ी बूटी
अश्वगंधा

मिर्गी की समस्या में अश्वगंध के सेवन से रोगी को काफी आराम मिलता है. इसके लिए अश्वगंधा पाउडर 4 ग्राम और मिश्री पाउडर 4 ग्राम ले लें. इन दोनों के मिश्रण को अच्छे से मिला लें और डिब्बे में स्टोर करके रख लें. सुबह-शाम खाने के बाद इसका सेवन करें. इससे मिर्गी की समस्या में राहत मिल सकती है.
ब्राह्मी

मिर्गी की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति के लिए ब्राह्मी बहुत ही फायदेमंद होता है. मिर्गी में ब्राह्मी और अश्वगंध की दोनों की 4-4 ग्राम मात्रा और मिश्री की 8 ग्राम मात्रा ले लें. अब इन सभी को मिला लें. इसकी 6 ग्राम मात्रा सुबह-शाम दूध के साथ लेने से मिर्गी के अटैक कम आ सकते हैं.
सारस्वतारिष्ट

यह मिर्गी की समस्या में बहुत ही उपयोगी है. सारस्वतारिष्ट में ब्राह्मी, शतावरी, बड़ी हरड़, खस, सौंफ और सोंठ जैसी कई जड़ी-बूटियां मिलाई जाती हैं. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-डिप्रेसिव, एंटी-स्ट्रेस और एंटी एंजिग जैसे गुण पाए जाते हैं. इससे न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में भी काफी आराम मिलता है. इसमें ब्राह्मी पाई जाती है, जिससे नींद काफी अच्छी आती है. इसे आप सुबह-शाम तीन-तीन चम्मच ले सकते हैं.
बलारिष्ट

बलारिष्ट में अश्वागंधा, बला की जड़, धाय के फूल, इलायची और लौंग मिलाए जाते हैं. आप सुबह-शाम दो-दो चम्मच खाने के बाद इसका सेवन कर सकते हैं. इससे मिर्गी की समस्या में काफी लाभदायक होगा. इसके साथ ही बलारिष्ट के सेवन से भ्रम, मूर्छा, मांसपेशियों में तनाव, सांस लेने की तकलीफ और सर्दी-जुकाम में भी राहत मिलती है.
शंखपुष्पी

मिर्गी की समस्या में शंखपुष्पी भी बहुत ही लाभदायक है. शंखपुष्पी याददाश्त बढ़ाने और मिर्गी की बीमारी ठीक करने के लिए काफी कारगर उपाय है. इसके लिए आप सुबह-शाम खाने के बाद 6-6 ढक्कन शंखपुष्पी रस का सेवन कर सकते हैं.

निष्कर्ष- तो आज के इस पोस्ट में हम लोगों ने मिर्गी को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक औषधि और जड़ी-बूटियों के बारे में जाना. ऊपर मिर्गी के लिए जड़ी बूटी की जो लिस्ट दी गयी है उसका सेवन करने से मिर्गी की समस्या को ख़त्म किया जा सकता है.

No comments