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लो हो गया खुलासा,क्यों महंगी हो रही है दाल

लो हो गया खुलासा,क्यों महंगी हो रही है दाल

अप्रैल में पड़ी भीषण गर्मी ने राजस्थान की दलहन फसलों को झुलसा दिया है। आलम यह है कि इस बार थाली से दाल गायब होने की आहट सुनाई देने लगी है। गौरतलब हैकि दलहन सबसे ज्यादा राजस्थान में होती है लेकिन इस बार भीषण गर्मी, गर्म हवाओं (हीटवेव) यानी लू के चलने से गेहूं, आलू, टमाटर जैसी सब्जियों के साथ आम और तरबूज जैसे कई फलों की पैदावार घटी है।

तापमान बढ़ने से गेहूं समय से पहले पक गए और दाने सिकुड़ गए। हीटवेव ने गर्मियों में उगने वाली जायद फसलों- दलहन, तिलहन और पोषण अनाज को झुलसा दिया है। इससे किसानों में मायूसी है। इसका असर ऐसा है कि केंद्र सरकार ने भी गेहूं उत्पादन के लक्ष्य को 11.10 करोड़ टन से घटाकर 10.5 करोड़ टन कर दिया है।
दलहन पर सबसे ज्यादा असर

तापमान अभी 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हीटवेव का मूंग और उड़द की फसल पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, क्योंकि तापमान ज्यादा होने से इन दालों की फलियां नहीं बन पाएंगी। हीटवेव का सब्जियों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। जायद फसलों के लिए अधिकतम तापमान 35 डिग्री होना चाहिए।

अतिरिक्त आमदनी का जरिया खत्म

जायद फसलों की बुआई मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होती है और मई-जून तक इनकी कटाई होती है। जायद फसलों को किसानों की अतिरिक्त आमदनी का जरिया माना जाता है, क्योंकि इसे रबी व खरीफ सीजन के बीच में लगाया जाता है। इस दौरान गर्मियों में सब्जियों की खेती भी होती है, लेकिन हीटवेव ने किसानों को मायूस किया है। उनकी आमदनी घटने का खतरा मंडरा रहा है।

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