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मम्मी की मार्कशीट बेटे ने दिखाई, 37 साल पहले स्कूल छोड़ चुकी माँ अब 10वीं में 79 प्रतिशत लेकर आई

मम्मी की मार्कशीट बेटे ने दिखाई, 37 साल पहले स्कूल छोड़ चुकी माँ अब 10वीं में 79 प्रतिशत लेकर आई

Nasik: एक मां का रिश्ता अपने बच्चो से बहुत गहरा होता है। मां का दर्द बच्चे और बच्चे का दर्द मां झट से समझ लेते है। इसी को खून का रिश्ता कहते है। जो काफी मजबूत होता है। कहते है सीखने को कोई उम्र नहीं होती। बस सीखने की लगन होना जरूरी है।

दुनिया में कई तरह के लोग होते है। कुछ बहुत देर में समझ पाते है और कुछ बहुत जल्दी परंतु एक कहावत हैं, जब जागो तभी सवेरा। हम देखते है की कुछ लोगो को बहुत लेट सफलता मिली, परंतु वे लोग हमेशा प्रयासरत रहे कभी हार नही मानी इसी लिए उन्हे सफलता मिली। कुछ ऐसे ही उदाहरण हमारे देश में मौजूद है जिनसे हम हमेशा प्रेरित होते है।

हर जगह नारी सबसे आगे है। शिक्षा से लेकर व्यापार और सभी सरकारी विभाग में। साथ ही इनके अंदर घर की जिम्मेदारियों को भी निभाने की क्षमता होती है। कुछ महिलाएं की शादी जल्दी हो जाती है और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्हे अपनी शिक्षा को अधूरा ही छोड़ना पड़ता है। अपनी इच्छाओं को भी मरना पड़ता है। आज की कहानी भी एक ऐसे मां बेटे की है जिसने अपने मां के सपने को पूरा किया। तो आइए जानते है विस्तार से।

37 वर्ष पूर्व ही छूट गई थी पढ़ाई एक बार फिर से अपनी पढ़ाई आरंभ की

अकसर बच्चे की मार्कशीट को देखकर माता पिता बहुत खुश होते हैं, अच्छे अंको से पास हुए बच्चे की मार्किट देख कर वे गर्व से फूल जाते है। परंतु आज एक बेटा अपनी मां की मार्कशीट (Mother’s Mark-Sheet) को देख कर बहुत खुश हो रहा है और सबको दिखा रहा है।

पेशे से सॉफ़्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) बेटा अपनी मां की कामयाबी से बहुत खुश है और अपनी खुशी को जाहिर करने के लिए अपनी मां की मार्कशीट दुनिया को दिखा रहा है। उस बेटे की मां की उम्र करीब 53 है।

आज इस 53 वर्षीय महिला ने साबित कर दिखाया है की शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती है। इस महिला ने 37 वर्ष पहले ही कुछ निजी कारणों से पढ़ाई छोड़ दी थी। परंतु पढ़ने के चाह कभी खत्म नहीं हुई 53 वर्ष में उन्होंने कक्षा 10वीं की परीक्षा दी और अच्छे अंको से पास हुई।

मास्टरकार्ड कंपनी के सीनियर सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, प्रसाद जम्भाले (Prasad Jambhale) ने LinkedIn पर अपनी मां की मार्कशीट शेयर की ओर बताया कि उसकी मां ने किस तरह कक्षा 10वी की परीक्षा पास की।

आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई छोड़ करनी पड़ीं नोकरी

सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रसाद जांभले (Software Engineer Prasad Jambhale) की माता का नाम कल्पना जांभाले है। आपको बता दें कि जब कल्पना 16 वर्ष की थी तभी उनके पिता का हाथ उनके सिर से उठ गया था। पिता के जाते ही परिवार पर मुसीबतों की बाढ़ आ गई। कल्पना पर घर की जिम्मेदारियां और अपने छोटे भाई बहन की जिम्मेदारियां आ गई इसी लिए उन्हे अपनी पढ़ाई छोड़ नोकरी करने लगी।

किसी को बिना बताओ दोबारा पढ़ाई शुरू की


कल्पना (Kalpana) ने किसी को बताए बिना ही वर्ष 2021 दिसंबर माह से दोबारा स्कूल जाना प्रारंभ किया। उन्होंने अपने बेटे प्रसाद को ये बात बहुत बाद में बताई। कल्पना के बेटे आयरलैंड में रहते हैं। उनकी शादी फिक्स हो चुकी है कल्पना की परिक्षा से पूर्व ही उनके बेटे की शादी है।

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