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एक साल का नर्सरी टीचर कोर्स करने वाली प्रशिक्षुओं को ब्रिज कोर्स करवागी हिमाचल सरकार

एक साल का नर्सरी टीचर कोर्स करने वाली प्रशिक्षुओं को ब्रिज कोर्स करवागी हिमाचल सरकार

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नर्सरी टीचर ट्रेनर की भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरूहोने वाली हैं। एक साल का नर्सरी टीचर कोर्स करने वाली प्रशिक्षुओं को ब्रिज कोर्स करवाकर उन्हें भर्ती के लिए पात्र बनाया जाएगा। आगामी दिनों में सरकार इस संबध में अंतिम निर्णय लेगी।

नर्सरी टीचर ट्रेनर बेरोजगार प्रशिक्षु संघ का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने ओकओवर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले चार साल से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी परन्तु अभी तक कोई भी भर्ती नहीं हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा की विभाग इस मामले में कोई भी अंतिम निर्णय नहीं ले पा रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्य सचिव आरडी धीमान को बुलाया और प्रशिक्षुओं के साथ बात करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य सचिव राज्य सचिवालय पहुंचे। करीब आधे घंटे तक उन्होंने नर्सरी टीचर ट्रेनर प्रशिक्षुओं से बातचीत की।

दो दिन के भीतर सरकार लेगी निर्णय

प्रशिक्षुओं आश्वासन दिया कि प्रशिक्षुओं का एक साल का डिप्लोमा भी मान्य किया जाएगा। वहीं, उन्हें आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी। जितने भी संस्थान एनसीटीई के दायरे में हैं उन्हें तो मान्य किया गया है। इसके साथ यदि किसी संस्थान की मान्यता नहीं भी है और नर्सरी टीचर ट्रेनर डिप्लोमा इन प्रशिक्षुओं के पास है तो उसे भी मान्यता देने के लिए विकल्प निकाला जाएगा। प्रशिक्षुओं को आश्वासन दिया गया की दो दिन के भीतर सरकार इस मामले में पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी और फाइनल ड्राफ्ट तैयार करेगी। नर्सरी टीचर ट्रेनर संघ की प्रदेशाध्यक्ष वदंना गौतम ने कहा कि नर्सरी टीचर ट्रेनर प्रशिक्षुओं ने भारतीय जनता मजदूर संघ के बैनर तले मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांग रखी है।

जाने क्या हैं पूरा मामला

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में प्री-प्राइमरी के चार हजार पदों पर नई भर्तियां होनी हैं। इसमें केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों से किए गए दो साल के डिप्लोमा को ही नर्सरी टीचर ट्रेनर के लिए माना जाए। इसमें हिमाचल के जिन संस्थानों से नर्सरी टीचर ट्रेनर का डिप्लोमा किया गया है, उनकी मान्यता पहले जांची जाएगी। एनसीटीई से जो संस्थान मान्यता प्राप्त हैं, केवल उनके ही नर्सरी टीचर ट्रेनर डिप्लोमा स्वीकार्य होंगे। वहीं, हिमाचल में ऐसे कम संस्थान हैं,जो एनसीटीई से मान्यता प्राप्त है। यही कारण है कि सरकार को भी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर में दिक्कत आ रही है।

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