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बारिश के मौसम में ना नहाना खतरनाक! करना पड़ेगा इन समस्याओं का सामना

बारिश के मौसम में ना नहाना खतरनाक! करना पड़ेगा इन समस्याओं का सामना

बारिश का मौसम हर किसी को पसंद होता है. बारिश के मौसम में बारिश गर्मा-गर्म पकौड़ी खाना, चाय पीने का मजा ही कुछ और होता है. जब सर्दी और बारिश का मौसम आता है तो लोग पानी का सेवन कम करने लगते हैं. साथ ही बारिश का मौसम ठंडा होने के कारण कई बार नहाने से बचते हैं. ठंडे पानी से तो दूर, कई लोग गर्म पानी से भी नहाने से बचते हैं. लेकिन अगर कोई बारिश के मौसम में नहाने से बचता है तो इससे शरीर को काफी नुकसान हो सकते हैं इसलिए एक्सपर्ट हर मौसम में रोजाना नहाने की सलाह देते हैं. अगर आप भी कभी-कभार मौसम को देखते हुए ना नहाने के बहाने लगाते हैं तो बारिश के मौसम में ना नहाने के साइड इफेक्ट भी जान लीजिए.

संक्रमण (Infection)

Healthline के मुताबिक, हमारे शरीर पर काफी सारे कीटाणु और कोशिकाएं होती हैं. अगर कोई नहीं नहाता तो उसके शरीर पर मृत कोशिकाएं उत्पन्न हो जाती हैं जिससे शरीर को काफी नुकसान हो सकता है. एक्सपर्ट का मानना है कि बारिश के मौसम में नहीं नहाने से मृत कोशिकाएं कमर के क्षेत्र में अधिक विकसित होती हैं जिससे संक्रमण और जीवाणु संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. यह आगे चलकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है.

दुर्गंध (body odor)

बारिश के मौसम में मॉइश्चर अधिक होने से हर जगह नमी बनी रहती है अब चाहे वह आपका घर हो या आपके कपड़े. आपने देखा होगा बारिश में सूखे कपड़े भी हल्के गीले दिखते हैं इसका कारण है कि उनमें मॉइश्चर काफी अधिक होता है. अब ऐसे में अगर आप नहीं नहाएंगे तो शरीर में दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया पैदा हो जाएंगे. इसके बाद शरीर से काफी बदबू आने लगेगी, जिससे अन्य संक्रमण भी हो सकते हैं.

त्वचा में संक्रमण (Skin infection)

नहाने से स्किन काफी अच्छी रहती है. Healthline के मुताबिक, नहीं नहाने से त्वचा में सूजन और अन्य गंभीर स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं. इसलिए हमेशा नहाना चाहिए. रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करता है

इम्यूनिटी कमजोर (Lowers immunity): जब कोई नहाता नहीं है तो शरीर में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को संख्या बढ़ाने में अधिक समय मिल जाता है जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और अन्य संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है.

निश्चित एरिया का रंग गहरा होना (Areas of dark or discolored skin):

अगर कोई नहाता नहीं है तो कुछ समय के लिए शरीर के निश्चित एरिया की स्किन का कलर डार्क हो सकता है. हालांकि यह डार्क स्किन नहाने से खत्म हो जाती है लेकिन अगर यह निशान अधिक डार्क हो गए तो अधिक गहरे हो सकते हैं.

चिपचिपाहट होना (Stickiness)

बारिश के मौसम में मॉइश्चर अधिक होने से शरीर में चिपचिपाहट होती है. वहीं अगर आप नहीं नहाएंगे तो चिपचिपाहट और अधिक बढ़ जाएगी और आप कंफर्टेबल महसूस नहीं करेंगे.

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