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सुबह खाली पेट किशमिश भिगोकर खाएं, होगा ये बेमिसाल फायदे

सुबह खाली पेट किशमिश भिगोकर खाएं, होगा ये बेमिसाल फायदे

किशमिश एक बहुत ही सस्ता और लोकप्रिय ड्राई फ्रूट है। इसका इस्तेमाल न केवल मीठे व्यंजनों में किया जाता है बल्कि कई जगहों पर तो इसे चाट में भी डालकर सर्व किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि अंगूर को सुखा कर बनाई जाने वाली किशमिश सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

रोजाना Kishmish खाने से आप कई सारी बीमारियों से खुद को बचाए रख सकते हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर में खून की कमी नहीं होती। ये वजन घटाने में मददगार है, एनर्जी लेवल को बूस्ट करने और विटामिन सी की आवश्यकता को पूरा करने में मददगार है। चिकित्सकों की मानें तो इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर पाया जाता है। जो हमारे शरीर के अंदर आने वाली बीमारियों से बचाव करता है।

नियमित सेवन के बाद शरीर में गैस बनना, पित्त, कफ आदि सभी तरह की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। जितने तत्व दूध में पाए जाते है उतने ही तत्व किशमिश में भी मिलते है। इसलिए दूध के आभाव में किशमिश का सेवन कर सकते है। यह शरीर के अंदर बिना समय गवाएं तुरंत पचती है और हल्की होती है। कई बीमारियों में इसका उपयोग दवाई के रूप में भी किया जाता है।
किशमिश के प्रकार (Types of Kishmish)

किशमिश कई प्रकार की होती हैं, जिनमें से मुख्य तीन को हम नीचे बता रहे हैं –

भूरी किशमिश (Brown Kishmish) – यह किशमिश अंगूरों को तीन हफ्तों तक सुखाकर बनाई जाती है। सूखने के बाद इनका रंग भूरा हो जाता है। अलग-अलग जगहों पर इसे बनाने के लिए विभिन्न तरह के अंगूरों का इस्तेमाल किया जाता है। इनका रंग, आकार और स्वाद अंगूर के प्रकार पर निर्भर करता है।

सुल्ताना (Golden Kishmish) – यह किशमिश सुल्ताना अंगूर (बीज रहित हरे गोल अंगूर) को सुखाकर बनाई जाती है। इस प्रकार की किशमिश को बनाने के लिए सुखाने से पहले अंगूर को एक तरह के तैलीय सलूशन में भिगोया जाता है। इस कारण इसका रंग गोल्डन/हल्का भूरा होता है। बाकी दो किशमिश की तुलना में इस किशमिश का आकार अक्सर छोटा और स्वाद मीठा होता है।

करंट (Black Kishmish) – इस प्रकार की किशमिश को जांटे करंट भी कहा जाता है और इन्हें काले अंगूर से बनाया जाता है। इन्हें भी अंगूर को तीन हफ्तों तक सुखाकर बनाया जाता है। इनका स्वाद अक्सर खट्टा-मीठा और आकार छोटा होता है।

ऐसे में आइए जानते हैं सेहत से भरपूर किशमिश के फायदे (Kishmish ke fayde) के बारे में।
सुबह खाली पेट किशमिश खाने के फायदे (Benefit of raisins)

1) ताकत और स्फूर्ति के लिए (Raisin for Strength)

किशमिश में मौजूद नेचुरल शुगर आसानी से पच जाती है जिससे शरीर को तुरंत ही ताकत मिल जाती है। चूँकि इसमें कोलेस्‍ट्रॉल नहीं होता है। इसलिए इस वजह से ये दिल के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है। लीवर संबंधी सभी तरह की परेशानियों को दूर करने में Kishmish का बड़ा योगदान है। रोजाना सेवन से शरीर में मौजूद टॉक्सिनज बाहर निकल जाते है और किडनी खराब होने का खतरा हमेशा के लिए टल जाता है।

2) पाचन क्रिया के लिए (Kishmish for Digestion)

किशमिश खाने से हाजमा ठीक रहता है। इसमे मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मददगार है। अगर आप रोजाना पेट की सबसे आम समस्या यानि कब्ज से परेशान हैं, तो Kismis खाने से उन्हे कब्ज में राहत मिलती है। किशमिश को रोजाना गर्म दूध के साथ या पानी में भिगोकर खाना ज्यादा फायदेमंद है।

3) हड्डियों के लिए (Raisin for Bones)

किशमिश में कैल्शियम की अच्छी मात्रा पायी जाती है, जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। अगर आप जोड़ों के दर्द या घुटने के दर्द से परेशान रहते हैं, तो किशमिश का सेवन करना बेहद फायदेमंद रहेगा।
4) अच्छी सेहत के लिए (Kishmish for Good Health)

किशमिश खाने से मोटापा कंट्रोल में रहता है। इसमें नेचुरल शुगर होती है। ऐसे में इस नेचुरल शुगर को खाने से स्वाद भी बना रहता है और सेहत भी। इसके रोजाना सेवन करने से त्वचा में चमक आती है। खोई हुई चमक धीरे-धीरे वापस आने लगती है। चेहरे की झाइयां बिल्कुल खत्म हो जाती है। आपको यदि अक्सर चक्कर आते है या शरीर में कमजोरी महसूस होती है तो हो सकता है आप लो ब्लड प्रेशर के शिकार हो। ऐसे में 30 दिन तक भिगोई हुई किशमिश खाएंगे तो जल्द निजात मिलेगी।

5) खून की कमी नहीं होती (Kishmish for Anemia)

रोजाना किशमिश (Raisin) खाने से एनिमिया की शिकायत नहीं होती। इसमें आयरन और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जिसकी वजह से किशमिश का सेवन करने से शरीर में आयरन की कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है। एनीमिया के पेशेंट्स को किशमिश का सेवन करना फायदेमंद रहेगा। यह सीधे एनीमिया से लडऩे की शक्ति प्रदान करता है।

6) आंखों की रोशनी बढाने में (Raisin for Eye-sight)

किशमिश में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, सेलीनियम, आयरन के अलावा कई सारे एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके लिए रोजाना 5 Kismis खाना फायदेमंद रहेगा।
7) कैंसर को रोकने में (Kishmish for Prevent Cancer)

कैंसर के खतरे को कम करने के लिए किशमिश में मौजूद एंटी कैंसर गुण सक्रिय रूप से कार्य करता है।

8) इरेक्टाइल डिस्फंक्शन में (Raisin for Erectile Dis function)

किशमिश को दूध में उबालकर पीने से पौरूष शक्ति भी मजबूत होती है और इससे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या भी दूर हो जाती है।

9) इम्युनिटी बढाने में (Kishmish for energy booster)

अगर आप्प चाहते हैं कि आपके शरीर की इम्युनिटी अच्छी रहे तो किशमिश में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाती है। कोरोना काल में अपनी इम्युनिटी मजबूत बनाए रखना चाहते हैं तो आज ही इसका सेवन शुरू कर दें।
10) अनिद्रा दूर करें (Raisin for Insomnia)

अगर आपको अनिद्रा की शिकायत है तो आपको किशमिश का सेवन जरूर करना चाहिए। Kishmish का सेवन करने से मेलाटोनिन स्लीपिंग हार्मोन में वृद्धि होती है। यह अनिद्रा की समस्या को कुछ ही दिनों में दूर कर सकता है।

किशमिश का पानी पीने से होने वाले फायदे (Benefits of drinking raisin water)Source

किशमिश (Kismis) का पानी लीवर में बायोकैमिकल प्रोसेस शुरु करता है, जिससे खून तेजी साफ से होने लगता है। अगर आप इस ट्रीटमेंट को 4 दिनों तक लगातार करेंगे, तो आप पाएंगे कि आपका पेट बिल्कुल ठीक हो चुका होगा और आपके अंदर ढेर सारी एनर्जी भर गई होगी।

डॉक्टर अक्सर लोगों को रोजाना किशमिश (Kismis) का सेवन करने की हिदायत देते हैं क्योंकि इससे हृदय मजबूत बना रहता है और खराब कोलेस्ट्रॉल दूर होता है तथा कब्ज और पेट की अन्य बीमारी भी छूमंतर हो जाती है।

किशमिश का पानी खून को साफ, लीवर, जिगर के काम को बढ़ावा देने और पाचन बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। यह पेट के एसिड को कम करने में मदद करता है। इसे पीने के दो दिन बाद ही आपको पता चल जाएगा कि आपका खाना कितने आराम से हजम हो रहा है और कब्ज तथा अपच का नामोनिशान भी नहीं है।
किशमिश का पानी तैयार करने के लिए सामग्री (Ingredients to prepare raisin water) –

2 कप – पानी (400 ml)

150 ग्राम – किशमिश
किशमिश का पानी बनाने की विधि (Raisin water preparation method) –

इस पानी के तैयार करने के लिए ऐसी किशमिश (Kismis) का प्रयोग न करें जो देखने में काफी चमकीली हों, क्योंकि वो प्राकृतिक नहीं है बल्कि उनमें कैमिकल द्वरा चमकीला बनाया गया होता है।

आपको ऐसी किशमिश लेनी चाहिये जो गहरे रंग की हो और ना तो ज्यादा कठोर और ना ही लचीली हो। उसके बाद किशमिश को अच्छे से धो लें और किनारे रखें। फिर पैन में दो कप पानी उबाल लें। फिर उसमें धुली हुई किशमिश डाल कर रातभर के लिये छोड़ दें।

अगली सुबह किशमिश छान कर पानी को पीने लायक गरम करें और इसे खाली पेट पिएं। किशमिश का पानी पीने के बाद 30 से 35 मिनट तक इंतजार करें और फिर नाश्ता करें। याद रखें कि इस विधि को 4 दिनों तक रोजाना करना है। साथ ही इसको हर महीने करें। बता दें कि इसका कोई भी खराब प्रभाव नहीं होता है।

अगर आप डाइट पर हैं और अपने आहार में लो फैट और ढेर सारे फल तथा सब्जियों को शामिल करते हैं, तो इस पानी को पीने से आपको और भी ज्यादा लाभ मिलेगा। पानी पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नॉर्मल रहता है और शरीर में ट्राईग्लिसेराइड्स को कंट्रोल करने में सहायक होता है।

किशमिश (Kismis) अंगूर ही होता है जिसे सुखाकर किशमिश बनाया जाता है। यह विटामिन्स और एनर्जी का भंडार है इसलिए अंगूर में जितनी एनर्जी होती है उतनी ही किशमिश में होती है।

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