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सुबह के समय आपको भी महसूस होती है ये दिक्कत? थायरॉयड का है वॉर्निंग संकेत

सुबह के समय आपको भी महसूस होती है ये दिक्कत? थायरॉयड का है वॉर्निंग संकेत

अंडरएक्टिव थायरॉयड एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपकी थायरॉयड ग्रंथि कुछ महत्वपूर्ण हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं करती है. इसे हाइपोथायरायडिज्म भी कहा जाता है. हाइपोथायरायडिज्म की शुरुआती स्टेज में कोई भी लक्षण नजर नहीं आते. लेकिन अगर समय के साथ इसका इलाज ना किया जाए तो इससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जैसे मोटापा, ज्वॉइंट्स पेन, इंफर्टिलिटी और हार्ट डिजीज. ऐसे कई टेस्ट हैं जिनके जरिए हाइपोथायरायडिज्म का पता लगाया जा सकता है. हाइपोथायरायडिज्म के संकेत आमतौर पर सुबह के समय नजर आते हैं. इसका एक संकेत है सुबह के समय काफी जयादा थकान महसूस होना. समय पर इसके संकेतों को पहचानने और सही ट्रीटमेंट कराने से भविष्य में होने वाले इसके खतरे से बचा जा सकता है.

क्या होता है अंडरएक्टिव थायरॉयड?

थायरॉयड ग्रंथि गर्दन में एक छोटी ग्रंथि होती है जो श्वासनली के सामने स्थित होती है. थायरॉयड ग्रंथि कई तरह के हार्मोन रिलीज करती है जो हमारे शरीर में कई तरह के कार्यों को नियंत्रित करने का काम करती है जैसे मेटाबॉलिज्म.अंडरएक्टिव थायरॉयड के मामले में, जिसे हाइपोथायरायडिज्म भी कहा जाता है, थायरॉयड हार्मोन की कमी होती है. यह आमतौर पर ऑटोइम्यून हाशिमोटो के थायरॉयडिटिस के कारण होता है, जो एक ऐसी बीमारी है जिसमें इम्यून सिस्टम खुद थायरॉयड ग्रंथि पर अटैक करता है. अगर इसका इलाज ना किया जाए तो हाइपोथायरायडिज्म ब्रेन, रीढ़ की हड्डी और शरीर तक जानकारी पहुंचाने वाली नसों के कार्य में बाधा डाल सकता है.

थकान है हाइपोथायरायडिज्म का संकेत

थकान, हाइपोथायरायडिज्म का एक मुख्य लक्षण है. इसे कई बार हड्डी-सुन्न करने वाली थकान के रूप में जाना जाता है, यह थायरॉयड लेवल अनियंत्रित होने के कारण होता है. वैसे तो थकान और भी कई समस्याओं और बीमारियों का संकेत हो सकती है ऐसे में जरूरी है कि आप डॉक्टर के पास जाकर चेकअप जरूर कराएं.

हाइपोथायरायडिज्म के कारण होने वाली थकान या तो काफी धीरे-धीरे उत्पन्न होती है या एकदम से हो सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, हाइपोथायरायडिज्म की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को सुबह के समय काफी ज्यादा थकान का सामना करना पड़ता है. यह थकान इतनी ज्यादा होती है कि व्यक्ति को अपना सिर तक उठाने में काफी परेशानी होती है.

हाइपोथायरायडिज्म के अन्य लक्षण

थकान और सुस्ती के अलावा हाइपोथायरायडिज्म के अन्य लक्षणों में ये हैं शामिल-

कब्ज


चाल का धीमा होना

कंपकंपी

वजन का बढ़ना

डिप्रेशन

भूख ज्यादा लगना

हाइपोथायरायडिज्म के कारण होनी वाली बीमारियां

हाइपोथायरायडिज्म के कारण सेहत से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे- हार्ट रेट का स्लो होना, आवाज का काफी मोटा होना, सुनने में दिक्कत, आइब्रो का काफी पतला और कम होना, चेहरे पर सूजन नजर आना. अगर समय पर हाइपोथायरायडिज्म का इलाज ना किया जाए तो इससे आगे चलकर हृदय संबंधित बीमारियों और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है.

हाइपोथायरायडिज्म से निजात पाने के लिए क्या करें?

हाइपोथायरायडिज्म की समस्या से निजात पाने के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से अपना चेकअप करवाएं, खासतौर पर तब जब आपको अपने शरीर में ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई एक नजर आता है. आप थायरॉयड फंक्शन टेस्ट भी करवा सकते हैं जिसके जरिए थायराइड उत्तेजक हार्मोन (thyroid-stimulating hormone) और थायरोक्सिन (T4) के लेवल को चेक किया जाता है. अगर आपका थायरॉयड का लेवल नॉर्मल रेंज से बहुत कम या बहुत ज्यादा आता है तो ट्रीटमेंट के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

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