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इस रत्न को पहनने से सुख-समृद्धि आने की है मान्यता, जानिये धारण करने की विधि

इस रत्न को पहनने से सुख-समृद्धि आने की है मान्यता, जानिये धारण करने की विधि

ज्योतिष शास्त्र में रत्नों के कई महत्व बताए गए हैं। साथ ही रत्न धारण करने के फायदे और नुकसान भी बताए गए है। आइए जानते हैं कि लहसुनिया रत्न धारण करने के ज्योतिष शास्त्र में क्या फायदे और नुकसान बताए गए हैं।
क्या है लहसुनिया रत्न (What is Lehsunia Stone)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस रत्न का संबंध केतु ग्रह से होता है। जिस जातक की कुंडली में केतु ग्रह कमजोर स्थिति में होते हैं। उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसे धारण करने पर कुंडली में केतु ग्रह दोष दूर होता है। वहीं सुख-समृद्धि भी आने की मान्यता है।

लहसुनिया रत्न धारण करने के फायदे (Benefits of Lehsunia Stone)

ज्योतिष शास्त्र में लहसुनिया रत्न धारण करने के कई फायदे बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि वह फायदे कौन-कौन से हैं।

-इस रत्न को धारण करने पर निवेश आदि कार्यों से जुड़े जातकों को लाभ होता है।
-यह करियर की तरक्की में आ रही बाधा को भी दूर करता है।
-इस रत्न को धारण करने पर बुरी नजर से भी बचने की मान्यता है।
-कैंसर, लकवा और अवसाद जैसी बीमारी में लाभप्रद है।
-इसे धारण करने पर तनाव दूर होता है। साथ ही स्मरण शक्ति भी बढ़ती है।
लहसुनिया रत्न धारण करने के नुकसान

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ रत्न जो जातक की कुंडली के साथ मेल नहीं होता है। उन रत्नों को धारण करने से जातकों को कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। किसी भी रत्न को ज्योतिषी के अनुसार ही धारण करना चाहिए। लहसुनिया रत्न धारण करने के भी कई नुकसान ज्योतिष में बताए गए हैं।

-मस्तिष्क से संबंधित रोग हो सकते हैं।
-थकान जैसी भी समस्या हो सकती है।
-क्रोध भी बढ़ सकता है।
कैसे धारण करें लहसुनिया रत्न

इन रत्न को ज्योतिषी के अनुसार रत्ती में धारण करना चाहिए। जब केतु का प्रभाव कुंडली में समाप्त हो जाए, तो इस रत्न को नहीं धारण करना चाहिए।


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