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नए साल की शुरुआत में करें इन प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों के दर्शन, पूरा साल रहेगा खुशहाल

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले ईश्वन का ध्यान व नाम लेना बेहद उत्तम बताया गया है मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान की कृपा मिलती है और कष्ट भी हमेशा दूर रहते हैं ऐसे में नया साल 2023 आने में अब कुछ ही समय और रह गया है पूरी दुनिया जहां नए साल के स्वागत के लिए तैयार खड़ी है ऐसे में आप भी कुछ पवित्र स्थलों के दर्शन और ईश्वर के पूजन से पूरे साल को खुशहाल बना सकते हैं।

इस बार साल का पहला दिन 1 जनवरी दिन रविवार को पड़ रहा है जो कि भगवान सूर्यदेव को समर्पित दिन है ऐसे में वर्ष के प्रथम दिन पर भगवान सूर्यदेव की पूजा आराधना के साथ साथ सूर्यदेव के प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन करने से वर्षभर भगवान की कृपा प्राप्त होगी जिससे सुख समृद्धि, मान सम्मान में वृद्धि होगी तो आज हम आपको बता रहे हैं कि नए साल के पहले दिन भगवान सूर्यदेव के किन मंदिरों में दर्शन पूजन करना लाभकारी रहेगा तो आइए जानते हैं। 

नए साल में करें इन मंदिरों के दर्शन—
कोणार्क ओडिशा का सूर्य मंदिर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है यह पवित्र स्थल भगवान सूर्यदेव के रथ को दर्शाता है इस रथ में सात घोड़े सातों दिनों का प्रतीक माने जाते हैं और 12 जोड़ी पहिएं को 24 घटों को दर्शाते हैं आपको बता दें कि इस रथ आकार के मंदिर में आठ ताड़ियां भी है जो दिन के आठों प्रहर का प्रतीक मानी जाती है कहा जाता है कि भगवान सूर्यदेव का यह पवित्र मंदिर 13वीं शताब्दी में बना था। वही कुशीनगर के तुर्कपट्टी ​में स्थित सूर्यमंदिर बेहद पवित्र माना जाता है यह इस मंदिर में मौजूद प्रतिमा गुप्तकाली बताई जाती है यहां सूर्यदेव की प्रतिमा नीलम धातु से निर्मित है इस पवित्र मूर्ति को बेशकीमती बताया गया है।

New year 2023 famous suryadev temple in india 

वही उन्नाव बालाजी सूर्य मंदिर भी अपने आप में आस्था और साधना का केंद्र माना जाता है इस मंदिर की खासियत यह है कि यहा पर घी के नौ कुए बने हुए है मान्यता है कि इस मंदिर के समीप पहूज नदी में स्नान करने और सूर्यदेव की प्रतिमा पर जल अर्पित करने से त्वचा रोग दूर हो जाता है।

 मोढेरा गुजरात में भी सूर्य का प्रसिद्ध मंदिर है जो लोगों की आस्था का केंद्र माना जाता है इस मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर का सभामंडप 52 स्तंभों पर खड़ा हुआ है ये 52 स्तंभ वर्ष के 52 सप्ताह को प्रदर्शित करते हैं। वही बिहार के औरंगाबाद में स्थित देवार्क सूर्य मंदिर बेहद प्रसिद्ध है देश का ये एक मात्र ऐसा सूर्य मंदिर है जिसका मुख द्वार पूर्व की बजाय पश्चिम की ओर खुलता है मान्यता है कि यहां दर्शन और पूजन करने से भक्तों के कष्टों का निवारण हो जाता है। 


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