Breaking News

बिजली विभाग में नौकरी करने वाला बन गया कलेक्टर! सालों करना पड़ा था इंतजार

बिजली विभाग में नौकरी करने वाला बन गया कलेक्टर! सालों करना पड़ा था इंतजार

IAS अधिकारी बनना एक कठिन उपलब्धि है, कोई अगर बहुत मेहनत कर सकता है और सफलता की उम्मीद कर सकता है. कुछ फर्स्ट अटेंप्ट में परीक्षा पास करते हैं और कुछ कई अटेंप्ट देते हैं तब जाकर सफलता मिलती है. यहां प्रदीप द्विवेदी की कहानी है, जिन्होंने अपने तीसरे अटेंप्ट में यूपीएससी क्रैक किया और पूरे भारत में 74वीं रैंक हासिल की.

प्रदीप बुंदेलखंड के रहने वाले हैं और एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता एक किसान थे और उनकी मां एक हाउसवाइफ थीं. प्रदीप की पढ़ाई हिंदी मीडियम स्कूल से हुई है. उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई अपने गांव से ही की. प्रदीप ने बचपन में काफी संघर्ष किया और भोपाल से इंजीनियरिंग करने का फैसला किया. कोर्स पूरा करने के बाद उन्हें मध्य प्रदेश बिजली विभाग में नौकरी मिल गई.

कुछ साल तक काम करने के बाद, उन्होंने केवल दो बार यूपीएससी में बैठने का फैसला किया, उन्होंने पहले ही अपना मन बना लिया था. हालांकि, वह जो टारगेट कर रहे थे उसे हासिल करने के लिए उन्हें तीसरा अटेंप्ट देना पड़ा.

प्रदीप ने जब पहली बार एग्जाम दिया तो वह क्लियर नहीं कर सके. इसके बाद जब दूसरा अटेंप्ट दिया तो उनकी रैंक 491 आई थी, लेकिन वह अपनी रैंक से संतुष्ट नहीं थे. इसलिए उन्होंने फिर एग्जाम दिया और तीसरी बार में ऑल इंडिया रैंक 74 हासिल की.

प्रदीप के मुताबिक तैयारी शुरू करने से पहले वेबसाइट पर यूपीएससी परीक्षा के सिलेबस और पैटर्न को चेक करना जरूरी है. उसी के मुताबिक पढ़ाई के लिए केंटेंट तैयार करना शुरू कर सकते हैं. उनका कहना है कि शुरू में फॉर्मल कोचिंग की जरूरत नहीं होती है, लेकिन मेन्स जैसी परीक्षाओं के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग का ऑप्शन चुना जा सकता है.

सभी युवा आईएएस उम्मीदवारों को उनकी सलाह है कि वे खुद को अपडेट रखने के लिए इंटरनेट पर आगे-पीछे देखें और जरूरत पड़ने पर किसी सीनियर से सलाह लें. उन्होंने सेल्फ स्टडी पर फोकस किया और यूपीएससी की तैयारी करते समय इसे ज्यादा महत्व दिया है.

No comments