Breaking News

शिक्षित बेटी “अंजली” बनी पिता की लाठी, सरकारी नौकरी की चाह छोड़कर रोजाना घर-घर बांटती है 25 लीटर दूध

नाहन, 04 मार्च : ऐसा माना जाता है, जो करे शर्म-उसके डूबे कर्म। ये बात, शहर के समीपवर्ती गांव तालों की रहने वाली 21 साल की अंजली ‘ईशा’ बखूबी जानती है। वो इस बात को भी भली भांति जानती है कि सरकारी नौकरी के पीछे दौड़ लगाना भी बेकार है। बेहतर है माता-पिता के व्यवसाय में ही हाथ बंटाया जाए, साथ ही आगे की पढ़ाई भी जारी रखी जाए।

निश्चित तौर पर ‘अंजली’ उन युवाओं के लिए एक विशेष प्रेरणा है, जो सरकारी नौकरी के पीछे दौ़ड़ते हुए ओवरएज होकर हताश हो जाते हैं।

अंजली तड़के उठ जाती है। इसके बाद गाय की तीमारदारी करने का जिम्मा उठा लेती है। मां जंगल से गाय के लिए घास बटोर कर लाती है। इसके बाद अंजली गाय का दूध निकालना शुरू कर देती है। ये सारा कामकाज, 7 बजे तक निपटाना पड़ता हैै, ताकि वो 8 बजे दूध की बाॅटल्स का डिस्ट्रिब्यूशन करने के लिए नाहन का रुख कर सकें।

No comments