सालों से फेफड़ों में चिपका कफ मक्खन की तरह पिघलेगा और खांसी की होगी छुट्टी, बस 1 टुकड़ा चबा लीजिए इस लकड़ी का टुकड़ा
महंगी दवाइयों, एंटी-बायोटिक्स और कफ सीरप से कुछ दिन तो आराम आता, लेकिन कुछ दिन बाद फिर हालत पहले जैसी ही हो जाती। कई हफ्तों के बाद एक देसी इलाज से उसकी मुश्किल छूमंतर हो गई। एक दिन उसने मुझे आकर बताया कि उसकी नानी मां ने उसे एक ऐसी जादुई लकड़ी दी, जिसे चबाने से खांसी और बलगम की तो छुट्टी ही हो गई। जब मैंने इसके बारे में पूछा, तो उसने कहा कि इसे मुलेठी कहते हैं। मैंने अपनी मम्मी से पूछा तो उन्होंने भी खांसी-बलगम में मुलेठी को कारगर बताया। बस फिर क्या था इस देसी नुस्खे को कंफर्म करने के लिए मैंने एक्सपर्ट से भी बात की और जानने की कोशिश की क्या वाकई मुलेठी इतनी फायदेमंद होती है, चलिए आपको बताते हैं कि एक्सपर्ट ने क्या कहा? इस बारे में शारदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, डॉ. श्रेय श्रीवास्तव जानकारी दे रहे हैं।
सीने में जमे बलगम और खांसी को दूर करने के लिए चबाएं मुलेठी
- एक्सपर्ट का कहना है कि मुलेठी एक बहुत ही फायदेमंद आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। इसे खासतौर पर खांसी, गले की खराश और सर्दी में उपयोग किया जाता है।
- मुलेठी में ऐसे गुण होते हैं जो गले की सूजन को कम करते हैं। जब खांसी ज्यादा होती है, तो गला सूखने लगता है। ऐसे में मुलेठी गले में नमी बनाए रखती है और जलन कम करती है।
- अगर आपको बलगम वाली खांसी है, सीने में बलगम जमा हुआ है, तो भी मुलेठी का सेवन बेहत फायदेमंद होता है। ये सीने में जमे बलगम को ढीला करके बाहर निकालने का काम करती है।
- सूखी खांसी में भी मुलेठी फायदा पहुंचाती है। इससे गले की खराश कम होती है और बार-बार खांसी नहीं उठती है। दरअसल, मुलेठी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं।
यह भी पढ़ें- खांस-खांसकर छिल गया है गला और सीने में जमा बलगम कर रहा है परेशान, तो हल्दी के ये 3 नुस्खे आजमाएं
- आप मुलेठी के एक छोटे टुकड़े को चबाएंगी, तो आपको फायदा मिलेगा। इसके अलावा इसका काढ़ा भी पी सकती हैं या इसके पाउडर को शहद के साथ लेने से भी आराम आएगा।
- मुलेठी सर्दी-खांसी और जुकाम से भी बचाती है। एक्सपर्ट का कहना है कि ये फेफड़ों को साफ करती है और गले की खुजली को दूर करती है।
- बेशक मुलेठी खांसी और बलगम को कम करने में बेहद असरदार है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में लेने से नुकसान भी हो सकता है, इसलिए जरूरत के अनुसार ही इसका उपयोग करें।
No comments