हिमाचल में कैंसर के मरीजों का कम होगा दर्द, आईजीएमसी में शुरू हुई ये सुविधा
70 फीसदी तक कैंसर फैलने पर मरीजों को दर्द झेलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ या एम्स दिल्ली ले जाना पड़ता था। आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज से हर महीने दर्जनों मरीज उपचार के लिए बाहरी राज्यों के अस्पताल में जाते हैं।
डॉ. विनय सौम्या ने लिया प्रशिक्षण
शिमला कैंसर अस्पताल के अलावा टांडा में कैंसर मरीजों का उपचार हो रहा है, लेकिन पेन एंड पेलिएटिव केयर यूनिट हिमाचल में पहली बार शुरू की गई है। -विपिन परमार, स्वास्थ्य मंत्री
उपचार की तकनीक सीखने के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनय सौम्या को प्रशिक्षण लेने के लिए हिंदू वाराणसी भेजा गया था। यहां एक साल का प्रशिक्षण लिया गया। उनकी देखरेख में यह उपचार होगा।

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