आखिरी सांस तक' पैसों के लिए तरसते हैं ये 3 लोग, कभी घर नहीं आती मां लक्ष्मी.....
इसमें उन बुरी आदतों के बारे में भी बताया गया है, जिन्हें अपनाने वाला व्यक्ति आजीवन धन के लिए तरसता है. लाख कोशिशों के बावजूद उसकी आर्थिक स्थिति नहीं सुधरती है.
दूसरों पर निर्भर रहना
चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति अपने कामों को खुद करने की बजाए दूसरों पर डाल देता है या आत्मनिर्भर नहीं बन पाता है, ऐसे लोग कभी धनवान नहीं बन पाते हैं. ऐसे लोग जीवनभर संघर्ष और आर्थिक परेशानियों में उलझे रहते हैं. जो लोग अपने काम दूसरों पर डाल देते हैं, वो कभी कसी कार्य में दक्ष नहीं बन पाते हैं. नतीजन, ऐसे लोग समाज या कार्यस्थल कम उपयोगी साबित होने लगते हैं. इसलिए अपने काम दूसरों पर डालने की बजाए उन्हें खुद से करने का प्रयास करें.
वाणी में कड़वाहट
चाणक्य कहते हैं कि कठोर और कड़वी वाणी इंसान के भाग्य को कमजोर कर देती है. जिन लोगों के शब्दों में मिठास नहीं होती, उनसे लोग धीरे-धीरे दूरी बनाने लगते हैं. ऐसे लोग सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ने लगते हैं. चाणक्य नीति के अनुसार, जिन लोगों की वाणी मधुर नहीं होती है, उन पर कभी देवी लक्ष्मी कृपा नहीं करती हैं. लोगों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करें. बात करते समय वाणी में मिठास रखें. ऐसे लोग जीवन में खूब तरक्की करते हैं और उन्हें कभी सुख-सुविधाओं की कमी नहीं होती है.
आलसी लोग
चाणक्य नीति में आलस्य को इंसान का सबसे बड़ा शत्रु बताया है. जो लोग आज का काम कल पर टाल देते हैं, वो कभी प्रगति नहीं कर पाते है. आलस व्यक्ति की क्षमता और समय तीनों को नष्ट कर देता है. परिणामस्वरूप ऐसे लोगों को आर्थिक परेशानियों से बाहर निकलने में बहुत कठिनाई होती है. ऐसे लोग सारी जिंदगी सुख और धन की कमी में जीते हैं. आज से ही आलस को त्यागने का मन बनाएं और आज का काम आज ही पूरा करने का संकल्प लें. उसे कभी कल पर न टालें.
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