सऊदी अरब में बर्फबारी के बाद 'दुनिया खत्म होने की चर्चा! जानिए पैगंबर की भविष्यवाणी और वैज्ञानिक सच...
सऊदी अरब तपते रेगिस्तान और तेज धूप के लिए जाना जाता है, लेकिन अब वही रेगिस्तान कुछ खास रूप में बदल चुका है। उत्तरी सऊदी अरब के ट्रोजेना हाइलैंड्स और तबुक क्षेत्र में सर्दियों के मौसम में बर्फबारी हो रही है।
तबुक के जबल अल-लॉज क्षेत्र में इतनी बर्फबारी हुई है कि तापमान माइनस में चला गया है। इन इलाकों से बर्फबारी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग इसे देखकर हैरान हैं। कई लोग तो इन तस्वीरों को AI द्वारा बनाई गई समझ रहे हैं।
सऊदी गजट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रोजेना हाइलैंड्स में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बर्फबारी हुई है। बीर बिन हिरमास, अल-उयनाह, हलात अम्मार और शिगरी जैसे इलाकों में भी बारिश और बर्फबारी की खबरें आई हैं। जबल अल-लॉज, जो समुद्र तल से 2580 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, का नाम ‘बादाम का पहाड़’ रखा गया है। इस क्षेत्र में हुई बर्फबारी ने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों का भी ध्यान खींचा है।
गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी
सऊदी अरब के मौसम विभाग, नेशनल सेंटर फॉर मेटेरेलियॉजी (NCM), ने रियाद, पूर्वी प्रांत और उत्तरी सीमाओं के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी है। बर्फबारी की तस्वीरों और विजुअल्स ने सोशल मीडिया पर यूजर्स को हैरान कर दिया है।
सऊदी अरब के रेगिस्तानी इलाकों में ज्यादा बारिश का मतलब है कि वहां की मिट्टी नमी को बनाए रखेगी, जो पेड़-पौधों के बढ़ने के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि, सऊदी अरब के तबुक और अल-चौफ जैसे पहाड़ी इलाके में बर्फबारी एक असामान्य घटना नहीं है, लेकिन हालिया मौसम परिवर्तन ने लोगों की दिलचस्पी को और बढ़ा दिया है।
कई लोग यह सोच रहे हैं कि क्या यह बर्फबारी एक बदलाव की शुरुआत है, जो अरब के रेगिस्तानों को हरा-भरा बना सकती है। इस बदलाव से न केवल प्राकृतिक संतुलन में बदलाव हो सकता है, बल्कि सऊदी अरब के कृषि क्षेत्र के लिए भी नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
पैगंबर मोहम्मद की भविष्यवाणी
हालांकि,सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे पैगंबर मोहम्मद की भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे है और इसे दुनिया के अंत के करीब बता रहे है। इन यूजर्स का कहना है कि पैगंबर मोहम्मद की भविष्यवाणी थी, जिसमें कहा गया था कि ‘आखिरी समय में अरब प्रायद्वीप फिर से हरा-भरा और नदियों से भर जाएगा।’ इस भविष्यवाणी के अनुसार, कुछ लोग यह मान रहे हैं कि यह बर्फबारी एक संकेत हो सकती है कि रेगिस्तान जल्द ही हरा-भरा और उपजाऊ हो सकता है।
Reviewed by News Himachali
on
September 01, 2026
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