' पेट में दिखें ये लक्षण तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज,गैस्ट्रिक कैंसर के 5 बड़े संकेत हो सकते है - न्यूज़ हिमाचली News Himachali | हिमाचल की No. 1 हिंदी वेबसाइट

Breaking News

पेट में दिखें ये लक्षण तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज,गैस्ट्रिक कैंसर के 5 बड़े संकेत हो सकते है

पेट से जुड़ी समस्याओं को अक्सर लोग गैस, एसिडिटी या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बार-बार सामने आएं, तो उनकी जांच कराना जरूरी है।

गैस्ट्रिक कैंसर, जिसे पेट का कैंसर भी कहा जाता है, पेट की अंदरूनी परत की कोशिकाओं में शुरू होता है। शुरुआती चरणों में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं भी हो सकते हैं, इसलिए लगातार बनी रहने वाली परेशानी पर ध्यान देना अहम है।

1. बार-बार अपच और पेट में असहजता

खाना खाने के बाद लगातार अपच, पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता या जलन महसूस होना पेट के कैंसर सहित कई स्थितियों में दिखाई दे सकता है। हालांकि, ये लक्षण आम पाचन समस्याओं में भी होते हैं। अगर परेशानी लगातार बनी रहे या पहले से अलग महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।

2. थोड़ी मात्रा में खाना खाने पर पेट भर जाना

यदि सामान्य से कम खाना खाने पर ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार ऐसा होने पर भूख और भोजन की मात्रा में बदलाव पर ध्यान दें। इसकी वजह जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

3. बिना वजह वजन कम होना

बिना डाइट बदले या व्यायाम बढ़ाए वजन लगातार घटना एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकता है। पेट के कैंसर के अलावा कई अन्य बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं। ऐसे में वजन घटने को केवल कमजोरी या तनाव मानकर छोड़ना उचित नहीं है।

4. लगातार पेट दर्द या मतली

पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार दर्द, मतली या बार-बार उल्टी होना पाचन तंत्र से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है। यदि ये लक्षण लंबे समय तक रहें, बढ़ने लगें या भोजन करने में परेशानी पैदा करें, तो चिकित्सकीय जांच कराएं।

5. मल में खून या खून की कमी

मल का काला, तारकोल जैसा होना या उसमें खून दिखाई देना पाचन तंत्र में रक्तस्राव का संकेत हो सकता है। लगातार खून की कमी, थकान और कमजोरी भी जांच की जरूरत दर्शा सकती है। ऐसे लक्षणों के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?

पेट के कैंसर का जोखिम उम्र बढ़ने, पेट के कैंसर की पारिवारिक हिस्ट्री, H. pylori संक्रमण, धूम्रपान और कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियों से बढ़ सकता है। जोखिम वाले लोगों को डॉक्टर से अपनी स्थिति के अनुसार सलाह लेनी चाहिए।

यदि पेट की परेशानी लगातार बनी रहे, बिना वजह वजन घटे, भूख कम हो या निगलने में कठिनाई हो, तो जल्द चिकित्सकीय सलाह लें। खून की उल्टी, काला तारकोल जैसा मल, बेहोशी या तेज कमजोरी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें। ध्यान रखें की इन पांच लक्षणों का मतलब यह नहीं कि किसी व्यक्ति को गैस्ट्रिक कैंसर ही है। इसकी पुष्टि डॉक्टर की जांच और जरूरत पड़ने पर एंडोस्कोपी व बायोप्सी जैसी जांचों से होती है।

No comments